अनलॉक के बाद सितंबर में कारोबारी गतिविधियां बढ़ीं, अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत


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नई दिल्ली30 मिनट पहले

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एसबीआई ने ‘अनलॉक के बाद चार महीने’ नाम से एक रिसर्च रिपोर्ट जारी की है।

  • सितंबर में वाहनों की बिक्री बढ़ी, पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन में पॉजीटिव ग्रोथ
  • पिछले महीने 5.74 करोड़ ई-वे बिल जेनरेट हुए, यूपीआई ट्रांजेक्शन ने बनाया रिकार्ड

अनलॉक लागू होने के बाद सितंबर में देश में कारोबारी गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है। आर्थिक गतिविधियों के अधिकांश संकेतकों में सितंबर महीने में सुधार दर्ज किया गया है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की रिसर्च रिपोर्ट ‘अनलॉक के बाद चार महीने’ में यह बात कही गई है।

एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट की खास बातें

  • सितंबर में एपल मोबिलिटी, आरटीओ ट्रांजेक्शन, बिजली खपत, पीएमआई मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विसेज, पेट्रोल की खपत, वाहनों की बिक्री, खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और कीमत, एयर क्वालिटी जैसे प्रमुख आर्थिक संकेतों में सुधार हुआ है। हालांकि, सभी प्रमुख आर्थिक संकेतक अभी प्री-कोविड स्तर से काफी नीचे हैं। खासतौर पर एक साल पहले के पीक लेवल से काफी नीचे हैं।
  • सितंबर 2020 में 5.74 करोड़ ई-वे बिल जेनरेट हुए हैं। एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले इसमें 9.3 फीसदी की तेजी रही है।
  • सितंबर में वाहनों की बिक्री बढ़ी है। ट्रैक्टर और पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन में पॉजीटिव ग्रोथ रही है। मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट लगातार ग्रो कर रहा है।
  • बिजली की मांग मिली-जुली रही है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल जैसे राज्यों में बिजली खपत प्री-कोविड स्तर से नीचे हैं।
  • सर्विसेज और पर्सनल लोन को छोड़कर सभी प्रमुख सेक्टरों में क्रेडिट में अगस्त में गिरावट आई है। चिंता की बात यह है कि जून और जुलाई में लगातार ग्रोथ के बाद यह गिरावट हुई है।
  • अगस्त में कंज्यूमर लाभ में भी गिरावट हुई है। इससे संकेत मिलता है कि हाउसहोल्ड के सामने बैलेंस शीट का संकट उभर रहा है।
  • यूपीआई ट्रांजेक्शन वैल्यू और वॉल्यूम के लिहाज से प्री-कोविड स्तर से ऊपर चला गया है।
  • लाइफ इंश्योरेंस कारोबार जुलाई से ही ग्रोथ दर्ज कर रहा है। इसमें एक साल पहले की समान अवधि से ज्यादा ग्रोथ रही है। 2020-21 के शेष महीनों में यही ट्रेंड रहने का अनुमान है।
  • उपभोक्ताओं की पसंद में बदलाव आया है और अब लोग रिटायरमेंट प्रोडक्ट में ज्यादा निवेश कर रहे हैं।
  • अगस्त 2020 तक नॉन-लाइफ इंडस्ट्री की ग्रोथ सपाट रही है। हालांकि, हेल्थ इंश्योरेंस कारोबार में 10.4 फीसदी की ग्रोथ रही है। लेकिन मोटर इंश्योरेंस में बड़ी गिरावट रही है।
  • वित्त वर्ष 2020 में अगस्त तक कैपिटल मार्केट में फंड मोबिलाइजेशन 14 फीसदी बढ़कर 4.53 लाख करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले समान अवधि में यह राशि 3.98 लाख करोड़ रुपए रही थी।
  • सितंबर 2020 में 1.93 लाख करोड़ रुपए के कमर्शियल पेपर जारी किए गए हैं। अगस्त 2020 के 1.30 लाख करोड़ के मुकाबले इसमें 48 फीसदी की बढ़त रही है।
  • डीमैट अकाउंट की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।



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