एमवाय हॉस्पिटल के सामने महिला की हत्या, फुटेज में दिखा- हत्यारे ने रस्सी से गला घोंटा, फिर पत्थर से सिर कुचला


इंदौर9 मिनट पहले

पुलिस को जानकारी मिली है कि मरने वाली महिला का कुछ दिन पहले एक अन्य भीख मांगने वाली बुजुर्ग महिला से विवाद हुआ था। आशंका है उसी ने हत्यारे को भेजा था।

इंदौर के महाराज यशवंतराव हॉस्पिटल (एमवायएच) के सामने एक महिला की आधी रात को हत्या कर दी गई। यह वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। वारदात के वक्त महिला सो रही थी, तभी बदमाश वहां पहुंचा। वह काफी देर तक महिला के पास बैठा रहा। फिर महिला के बाल पकड़ कर उसे नीचे गिराया। गले में रस्सी का फंदा कसा। बाद में उसके सिर पर पत्थर मारा गया। महिला की पहचान नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वह अस्पताल के आसपास भीख मांगती थी।

इंदौर के संयोगितागंज टीआई राजीव त्रिपाठी के अनुसार, महिला की उम्र करीब 45 साल है। उसके सिर पर पत्थर जैसी किसी भारी चीज वार किया गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह जब बाफना चैंबर में लोग पहुंचे, तो महिला का खून से सना शव देखा। पुलिस ने वहां का सीसीटीवी कैमरा देखा तो पता चला कि हत्या एक युवक ने की है।

उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में साफ दिख रहा है कि आरोपी पहले महिला की रेकी करता है। महिला पेढ़ी पर सो रही है। वह उसके पास दो-तीन बार आता है। फिर अचानक महिला के बाल पकड़ कर नीचे गिराता है। नीचे गिरने से वह जाग जाती है, तब बदमाश प्लास्टिक की रस्सी से उसका गला कस देता है। महिला काफी संघर्ष करती हुई दिखाई दे रही है। इसके बाद युवक उसके सिर पर किसी पत्थर जैसी वस्तु से वार कर कर देता है। कुछ देर तड़पने के बाद वह दम तोड़ देती है।

पहले महिला को नीचे गिराया, फिर रस्सी से गला दबाया।

पुलिस को जानकारी मिली है कि मरने वाली महिला का कुछ दिन पहले एक अन्य भीख मांगने वाली बुढ़िया से विवाद हुआ था। आशंका है कि उसी ने युवक को हत्या करने के लिए भेजा होगा। घटना के बाद से वह बुढ़िया भी लापता है।

आरोपी रस्सी लेकर पहले काफी देर महिला के पास खड़ा रहा।

आरोपी रस्सी लेकर पहले काफी देर महिला के पास खड़ा रहा।

महिला एमवायएच के आसपास रहती थी
महिला के बारे में पता चला है कि वह एमवायएच के आसपास रहती थी। वह भीख मांगती थी। कई सालों से वह एक किलोमीटर से ज्यादा दूर कभी नहीं गई। टीआई का कहना है कि एमवायएच और उसके आसपास करीबन 100 से ज्यादा पुरुष और 15 महिला भिक्षुक हैं, जो दिनभर वहीं भटकते हैं। रात में दुकानों के सामने या एमवायएच के सामने सोते हैं।



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