कमला हैरिस ने याद किए बचपन के दिन, भारत की यात्रा से जुड़ी यादें की साझा


अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी से उप-राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार कमला हैरिस ने अपने पुराने दिनों की कुछ यादें साझा की हैं। उन्होंने भारत आने पर अपनी मां का इडली के लिए उनमें प्यार जगाने की याद और दादा जी के साथ अपनी लंबी सैर को याद किया। साउथ एशियंस ऑफ बिडेन’ के एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए कमला हैरिस ने भारत के स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारतीय और अमेरिकी समुदाय अपने साझा इतिहास और संस्कृति से एक साथ बंधे हुए हैं।
उन्होंने कहा, “जब मेरी मां ने पहली बार 19 साल की उम्र में विमान में कदम रखा तो उनके पास साथ लाने को ज्यादा सामान नहीं था लेकिन उन्होंने अपने घर से सीखीं हुई बातों को अपने साथ रखा। वो बातें जो उन्होंने अपने-माता पिता से सीखी थीं।” उन्होंने बताया कि मेरी मां एक तमिल भारतीय- अमेरिकी थी जो एक कैंसर रिसर्चर और एक्टिविस्ट बनीं। वो मुझे और मेरी बहन माया को भारत लेकर जाती थीं ताकि हम जान पाएं कि हमारी जड़े कहां है। कमला ने याद करते हुए बताया कि उस समय वो और उनके नाना कैसे लंबी सैर करने जाते थे वहां उनके नाना उन्हें भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में बताते थे। वो कहती हैं कि उनके नाना पी वी गोपालन से सीखी गईं बातों की बदौलत ही वो आज यहां तक पहुंच पाई हैं।

यह भी पढ़ें-डोनाल्ड ट्रंप बोले- मैं कमला हैरिस को खतरे के रूप में नहीं देखता

कमला हैरिस ने कहा, बड़े होने पर मां मुझे और मेरी बहन को मद्रास लेकर जाती थीं ताकि वो हमें समझा पाए कि हम कहां से आए हैं और हमारे वशंज कहा के हैं और वो हमेशा से हममें अच्छी इडली के लिए प्यार पैदा करना चाहती थीं। वो बताती हैं, “मद्रास में मैं अपने नानाजी के साथ लंबी सैर पर जाती थी वो उस समय रिटायर हो चुके थे और सुबह की सैर करने जाते थे जहां मैं उनका हाथ पकड़कर चलती थी और वो मुझे उन नायकों के बारे में बताया करते थे जिन्होने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के पैदा होने में अहम भूमिका निभाई। उनका मानना था कि अब हमें उन चीज़ों को आगे बढ़ाना है जो हमारे नायक छोड़ गए थे। वे सबक एक बड़ी वजह है कि मैं आज यहाँ हूं।” जो बाइडेन ने कमला हैरिस को राष्टपति पद का उम्मीदवार चुना है। वो ऐसी पहली अश्वेत और भारतीय- अमेरिकी महिला हैं जिन्हें ये टिकट मिला है।





Source link

Be the first to comment

Leave a Reply