कांग्रेस ने फिर भारत में फेसबुक हेट स्पीच के पक्षपात को लेकर मार्क जुकरबर्ग को लिखा खत


कांग्रेस पार्टी ने पन्द्रह दिनों में दूसरी बार शनिवार को फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकार मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखा है। पार्टी ने उनसे पूछा है कि भारत में फेसबुक के पक्षपात को लेकर जो आरोप लगे हैं उसको लेकर क्या कदम उठाए गए हैं। इसमें आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने दावा किया है कि ज़ुकरबर्ग की भारतीय टीम द्वारा स्वेच्छा से व्हाट्सएप को अभद्र भाषा और भारत के सामाजिक समरसता के ताने-बाने को तोड़ने की अनुमति दी गई है।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी उस मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल किया है है कि जिसमें यह कहा जा रहा है कि 40 करोड़ भारतीयों की तरफ से इस्तेमाल किए जाने वाले व्हाट्सएप ने समझौता किया और उसे परोक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी की तरफ से नियंत्रित किया गया है। 

इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका व्हाट्सएप पर नियंत्रण (Hold) है। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म को भारत में भुगतान सेवा शुरू करने के लिए केन्द्र की मोदी सरकार से मंजूरी की आवश्यकता है।

राहुल गांधी ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट कर कहा, “अमेरिका की टाइम मैग्जीन ने व्हाट्सएप-बीजेपी सांठगांठ का खुलासा किया है। 40 करोड़ भारतीयों द्वारा इस्तेमाल किया जाया जाने वाला व्हाट्एप से भुगतान सेवा शुरू करने के लिए मोदी सरकार की मंजूरी चाहता है। इसलिए, बीजेपी का व्हाट्सएप पर होल्ड है।” व्हाट्सएप सोशल मीडिया का स्वामित्व फेसबुक इंक के पास है। इससे पहले, 16 अगस्त को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा था कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का देश में फेसबुक और व्हाट्सएप पर कब्जा है।

ये भी पढ़ें: भारत में राजनीतिक बवाल के बीच फेसबुक ने दी सफाई, कहा- यह खुला, पारदर्शी और गैर-पक्षपातपूर्ण

राहुल ने यह भी आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए फर्जी खबर और घृणा फैलाकर मतदाताओं को प्रभावित किया जाता है। राहुल ने इससे पहले मीडिया का हवाला देकर ट्वीट करते हुए कह था, “बीजेपी और आरएरएस फेसबुक और व्हाट्सएप पर भारत में नियंत्रण है। वे मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इनके जरिए फर्जी खबर और घृणा फैलाते हैं। आखिरकार अमेरिकन मीडिया फेसबुक पर सच्चाई के साथ सामने आई है।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों फेसबुक पर आरोप यह लगा हैं कि उसने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं की पोस्ट पर हेट स्पीच नियम को लागू नहीं किया। हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में यह आरोप लगा था कि फेसबुक की कंटेंट पॉलिसीज का भारत में बिना भेदभाव के पालन नहीं हो रहा है और बीजेपी पर नरमी बरती जा रही है।

फेसबुक की निष्पक्षता को लेकर भारत में उठ रहे सवाल और इसको लेकर जारी राजनीतिक बवाल के बीच सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक ने इस पर अपनी सफाई दी थी फेसबुक ने कहा था कि यह खुला, पारदर्शी और गैर-पक्षपातूर्ण मंच है।

ये भी पढ़ें: Facebook जल्द ही भारत में लॉन्च करेगा न्यूज सर्विस ‘Facebook news’





Source link

Be the first to comment

Leave a Reply