कांग्रेस में असंतुष्टों की चिट्ठी पर बढ़ता जा रहा है विवाद, गुलाम नबी आजाद के खिलाफ सबसे ज्यादा नाराजगी


कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को असंतुष्ट नेताओं की तरफ से लिखे पत्र पर विवाद बढ़ता जा रहा है। पार्टी के अंदर एक बड़ा तबका खुलकर असंतुष्ट नेताओं के खिलाफ हो गया है। ये नेता पत्र लिखने वाले असंतुष्ट नेताओं के खिलाफ फौरन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद फेरबदल को लेकर असंतुष्ट नेताओं की धड़कनें तेज हैं।

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सबसे ज्यादा गुस्सा राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को लेकर है। उत्तर प्रदेश सहित कई प्रदेशों के नेता लगातार आजाद के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि आजाद ने कांग्रेस के लिए कोई संघर्ष नहीं किया। खुद लगातार 23 साल तक सीडब्ल्यूसी में नामित होते रहे और अब चुनाव की बात कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- कांग्रेस को कश्मीर में लग सकता है झटका, गुलाम नबी आजाद की नाराजगी का लाभ उठाने की तैयारी में भाजपा

कांग्रेस के कई नेता पार्टी अध्यक्ष को लिखे पत्र और सीडब्ल्यूसी के चुनाव को राहुल गांधी के विरोध के तौर पर भी देख रहे हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा कि पत्र लिखने वाले नेताओं को डर था कि राहुल गांधी उन्हें दोबारा राज्यसभा में नहीं भेजेंगे, इसलिए वे उनकी वापसी का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, पत्र लिखने वाले नेता बार-बार कह रहे हैं कि वे परिवार के खिलाफ नहीं हैं।

पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि इस विषय पर सीडब्ल्यूसी में सात घंटे तक चर्चा हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने साफ कर दिया कि सभी मुद्दों पर एक परिवार की तरह चर्चा की है, अब हमें आगे चलना है। इसके बाद भी अगर कोई सुर्खियों में बने रहने के लिए इस मुद्दे पर बात करता है, तो यह उसकी अपनी पसंद है। 

यह भी पढ़ें- कांग्रेस के अंदर उठने लगी है असंतुष्ट नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग,जानें आगे की रणनीति

पार्टी अध्यक्ष की टिप्पणी के दायरे में व्यवहार हो : रावत
कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी कहा कि सभी को सीडब्ल्यूसी की बैठक के आखिर में पार्टी अध्यक्ष की तरफ की गई टिप्पणी के दायरे में व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी के किसी नेता ने कभी यह नहीं बोला कि संगठनात्मक चुनाव नहीं होना चाहिए। इतना जरूर है कि चुनाव कब और कैसे होंगे, यह पार्टी अध्यक्ष तय करेंगी।

आसमान नहीं टूट रहा: खुर्शीद
पूरे विवाद को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष चुनने के लिए चुनाव कराने की कोई जल्दी नहीं है। उसके बगैर आसमान नहीं टूट रहा है। जब हालात ठीक हो जाएं तो चुनाव कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लंबे वक्त तक कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर रहने वाली सोनिया गांधी पार्टी के आगे का रास्ता तय करने के बारे में फैसला करेंगी।

राहुल कांग्रेस के निर्विवाद नेता: रावत
राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बारे में हरीश रावत ने कहा कि राहुल कांग्रेस के निर्विवाद नेता हैं और विपक्ष के भी सबसे बड़े नेता हैं। पहले हमारे लिए वह अध्यक्ष के तौर पर आवश्यकता थे, पर अब उनका अध्यक्ष बनना हमारे लिए गौरव की बात होगी। पत्र घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने की मांग भी आहिस्ता-आहिस्ता जोर पकड़ रही है।





Source link

Be the first to comment

Leave a Reply