केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का 74 वर्ष की उम्र में निधन, भावुक चिराग बोले- आप हमेशा मेरे साथ हैं


केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके बेटे और लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने गुरुवार की शाम को उनके निधन के बारे ट्वीट कर जानकरी दी। चिराग ने अपने बचपन का एक फोटो ट्वीट किया, जिसमें वे पासवान के गोद में बैठे हैं और लिखा है- “पापा… अब आप इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मुझे पता है कि आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ है।” 

74 वर्षीय रामविलास पासवान पिछले कुछ हफ्तों से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती थे। उनके पास केन्द्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय था। रामविलास पासवान पिछले पांच दशक से भी ज्यादा वक्त से राजनीतिक में सक्रिय थे और देश के सबसे बड़े दलित नेताओं में उनकी पहचान होती थी।

पासवान ऐसे दूसरे केन्द्रीय मंत्री हैं जिनका दो महीने के अंदर निधन हुआ है। इससे पहले कोरोना वायरस के चलते सितंबर महीने में रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का निधन हो गया था। पिछले साल नवंबर में लोक जनशक्ति पार्टी के 19 सालों के नेतृत्व करने के बाद रामविलास ने पद से हटते हुए बेटे और सांसद चिराग पासवान को एलजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था।

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रामविलास पासवान के निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। सभी दलों के नेताओं ने रामविलास पासवान के निधन पर दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, बीजेपी नेता देवेन्द्र फडणवीस ने एलजेपी चीफ चिराग पासवान को फोन कर रामविलास पासवान के निधन पर सांत्वना व्यक्त किया।

पीएम ने कहा- मजबूत सहयोगी खो दिया

रामविलास पासवान के निधन पर प्रधानमंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए वे इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक ऐसा शून्य हो गया है, जिसे शायद कभी नहीं भरा जा सकेगा। राम विलास जी का जाना यह व्यक्तिगत क्षति है। मैंने अपना दोस्त और मजबूत सहयोगी खो दिया।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश ने एक विज़नरी नेता को खो दिया है। राष्ट्रपति ने कहा- वह संसद में सबसे सक्रिय और लंबे समय तक सेवा करने वाले सदस्यों में से एक थे। वह दबे कुचलों की आवाज थे।  

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से बिहार चुनावों को लेकर अहम फैसले रामविलास पासवान की अस्वस्थता के चलते खुद चिराग ही ले रहे थे। हाल ही में चिराग ने ही लोक जनशक्ति पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया की पार्टी बिहार में एनडीए के साथ जाने की बजाए अकेली चुनाव लड़ेगी। 

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कब-कब कैबिनेट मंत्री रहे

1989- श्रम कल्याण मंत्री

1996- रेल मंत्री

1996- संसदीय मामलों के मंत्री

1999- संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

2001- कोयला और खदान मंत्री

2004- रसायन व उर्वरक, स्टील मंत्री

2014 और 2019- उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और पीडीएस

 

 

 



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