केरल के 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट; अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना, 3 जून को चक्रवाती तूफान गुजरात-महाराष्ट्र से टकरा सकता है


  • मौसम विभाग के मुताबिक, अरब सागर में बना कम दबाव वाला क्षेत्र अगले दो दिन में चक्रवात में तब्दील हो सकता है
  • चक्रवात की केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टकराने की संभावना

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 12:02 PM IST

नई दिल्ली. एक चक्रवाती तूफान 3 जून तक गुजरात और महाराष्ट्र के तट से टकरा सकता है। मौमस विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना है। अगले दो दिनों में यह चक्रवात में बदल सकता है। इसके केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से सोमवार और मंगलवार के बीच 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टकराने की संभावना है।
मौसम विभाग ने इसे देखते हुए केरल के 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें अलपुझा, कोल्लम, पथनमथिट्टा, तिरुवनंतपुरम, कोट्टयम, एर्नाकुलम, इडुक्की, मलप्पुरम और कन्नूर शामिल हैं। 

हरिहरेश्वर और दमन के बीच तट से टकराएगा चक्रवात
आईएमडी के मुताबिक, यह कम दबाव वाला क्षेत्र अरब सागर और लक्षद्वीप के दक्षिण पूर्व और पूर्व मध्य इलाके में बना है। फिलहाल यह गोवा (पंजी) से 400 कीमी दक्षिण पश्चिम, मुंबई से 700 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और गुजरात के सूरत से 930 किमी. दक्षिण पश्चिम की दूरी पर है। चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद 2 जून की सुबह तक इसका उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर पूर्व की ओर मुड़ जाएगा। यह हरिहरेश्वर (रायगढ़, महाराष्ट्र) और दमन के बीच उत्तर महराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से 3 जून की शाम या रात को टकरा सकता है।

महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश हो सकती है

निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, कम दबाव वाला क्षेत्र बनने की वजह से 3 और 4 जून को मध्य महाराष्ट्र और उत्तर कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है। 2 जून और 5 जून के बीच महाराष्ट्र और गुजरात के तट पर समु्द्र में तेज लहरें उठ सकती हैं। इनकी ऊंचाई से 12 से 16 फिट तक पहुंच सकती है। वहीं, 60 से 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है। इसके बाद यह कम दबाव वाला क्षेत्र ‘निसर्ग’ चक्रवात में बदल जाएगा।    

दक्षिण पश्चिम मानसून के लिए सही हो रहे हालात

आईमएडी ने कहा है कि मौसम में आ रहे बदलाव दक्षिण पश्चिम मानसून के आने के लिहाज से अच्छे हैं। मानसून इस हफ्ते तक केरल के तट से टकरा सकता है।  मौसम विभाग के महानिदेशक एम. मोहपात्रा ने रविवार को कहा था कि हम लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। हम हमारे पहले के पूर्वानुमान के साथ है कि मानसून एक जून के बाद आने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इससे पहले, स्काईमेट ने शनिवार को दावा किया था कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून केरल पहुंच गया है।



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