कोटा में फंसे छात्र घर पहुंचे, बोले- एक-एक दिन मुश्किल से बीता, मानसिक रूप से ज्यादा परेशान थे, पढ़ाई में भी मन नहीं लगता था


  • इंदौर के 22 छात्रों समेत 9 जिलों के 153 छात्र 9 बसाें से आगर-मालवा तक आए, यहां से घरों के लिए रवाना हुए
  • इंदौर के अलावा आगर-मालवा, शाजापुर, उज्जैन, खरगौन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास और बड़वानी के बच्चे घर पहुंचे

दैनिक भास्कर

Apr 23, 2020, 03:52 PM IST

इंदौर. उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी राजस्थान के काेटा में फंसे छात्राें काे वापस बुला लिया है। बुधवार रात मालवा-निमाड़ के 9 जिलों के 153 छात्र बसाें से आगर-मालवा पहुंचे। यहां से जांच के बाद सभी अपने-अपने जिलों के लिए रवाना हुए। इनमें इंदौर के भी 22 बच्चे शामिल थे। इंदौर के छात्रों का कहना था कि लॉकडाउन के बाद एक-एक दिन बहुत मुश्किल से गुजरा। पहले उम्मीद थी कि 21 दिन बाद घर जा सकेंगे, लेकिन लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ गया। हम वहां मानसिक रूप से ज्यादा परेशान हो रहे थे। हॉस्टल में रहने के बाद भी पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। बस यही सोचते थे कि कैसे अपने घर पहुंचे। 

कल्पना ने कहा कि एक महीने से कठिन परिस्थितियों में कोटा में रह रहे थे। प्रदेश सरकार ने हमारी सुध ली। इसके लिए उनका धन्यवाद।

एक महीने से बहुत परेशान थी, सोचती थी कैसे घर पहुंचेंगे
कोटा में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहीं अपूर्वा पाठक ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार को धन्यवाद दूंगी कि उन्होंने मुझे बचाया। वहां पर एक महीने से बहुत परेशान हो रही थी। मानसिक रूप से बहुत थकान होने लगी थी। वहां रहने के बाद भी पढ़ाई नहीं हो रही थी। बस यही सोचती थी कि कैसे घर पहुंचेंगे। अपूर्वा का कहना था कि जिस तरह हम वहां से परेशानी से निकलकर घर आए हैं। वहां अन्य प्रदेश के कई बच्चे हैं जो बहुत परेशान हो रहे हैं। उनकी सरकार भी उन्हें अपने साथ लेकर जाए।

कोटा में फंसे छात्र घर पहुंचे, बोले- एक-एक दिन मुश्किल से बीता, मानसिक रूप से ज्यादा परेशान थे, पढ़ाई में भी मन नहीं लगता था
सागर बोले – बहुत कठिन रहा हमारे लिया यह टाइम। सरकार की वजह से घर पहुंचे गए।

हमने कठिन दौर में भी कानून का पालन किया, आप भी करें
लॉकडाउन के दौरान कोटा में फंसे सागर ने बताया कि वे इंदौर के रहने वाले हैं। प्रदेश सरकार को धन्यवाद करना चाहूंगा कि वहां से हमें निकाला गया। बहुत ही अच्छे से हमें घर लेकर आए। मैं सभी से यही कहना चाहता हूं कि यह बहुत ही कठिन समय है। इसमें सभी नियमों का पालन करें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। हमने कोटा में इन कठिन परिस्थितियों में रहते हुए भी नियमों का पालन किया। प्रिया ने बताया कि कोटा में लॉकडाउन के बाद से फंसे थे। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि कैसे अपने घर पहुंचे। उत्तर प्रदेश सरकार जब अपने बच्चों को लेकर गई तो हमें लगा कि हो सकता है हमारी सरकार भी कोई कदम उठाए। आखिर में उन्होंने हमें वहां से निकाल लिया। हम प्रदेश सरकार की वजह से अपने घर अच्छे से पहुंच गए हैं।

कोटा में फंसे छात्र घर पहुंचे, बोले- एक-एक दिन मुश्किल से बीता, मानसिक रूप से ज्यादा परेशान थे, पढ़ाई में भी मन नहीं लगता था
देर रात आगर-मालवा से बच्चों को लेकर इंदौर पहुंची बस।

स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बच्चों को जिले के नोडल अधिकारी के सुपुर्द कर दिया किया
एसडीएम मनीष जैन ने बताया कि आगर-मालवा समेत शाजापुर, उज्जैन, इंदाैर, खरगौन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास और बड़वानी जिलों के छात्रों ने 9 बसों से जिले में प्रवेश किया। जिनका स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चेकअप किया। जिले में छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई। जैन ने बताया कि संबंधित जिलों के नोडल अधिकारी के माध्यम से छात्रों को उनके घर पहुंचाया गया। सबसे पहले छात्रों को उनके मोबाइल पर सार्थक एप डाउनलोड कराया गया, जिससे उनकी लोकेशन का हमें पता रहे तथा वे होम क्वारैंटाइन में रहें।

किस जिले के कितने बच्चे आए

जिले  छात्रों की संख्या
बड़वानी     07
बुरहानपुर     05
देवास      09
इंदौर    22
खंडवा     25
खरगोन    24
शाजापुर     29
उज्जैन    26
आगर मालवा     07



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