कोरोना हॉटस्पॉट जालंधर में सिविल अस्पताल से दो मरीजों को ठीक बताकर घर भेजा, फिर देर रात फोन करके वापस बुलाया


  • एक युवक अस्पताल से जाने के बाद मोटरसाइकल पर पूरा बाजार घूमा, कोरोनामुक्त मिलने की बात पर यारों-दोस्तों ने बरसाए थे फूल
  • दूसरा बेटी अस्पताल में ही भर्ती होने की वजह से यहीं रुका था, फोन किए जाने पर हुआ उपलब्ध
  • सिविल सर्जन गुरिंदर कौर कह रही हैं लापरवाही की जांच और जिम्मेदार पर कार्रवाई की बात

दैनिक भास्कर

Apr 29, 2020, 04:48 PM IST

जालंधर. कोरोना वायरस के खौफ के बीच अब लापरवाही भी सामने आने लगी हैं। हॉटस्पॉट बने जालंधर के सिविल अस्पताल से दो कोरोना संक्रमितों को ठीक बताकर घर भेज दिया गया और जब रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात से पर्दा उठा तो फिर उन्हें वापस बुला लिया। आनन-फानन में सिविल सर्जन और डॉक्टरों ने दोनों मरीज को फोन करके वापस आने को कहा। इतना ही नहीं, पता यह भी चला है कि इनमें से एक मरीज तो मोटरसाइकल पर पूरा बाजार घूमा था। यारों-दोस्तों ने कोरोनामुक्त मिलने पर उस पर फूल भी बरसाए थे। अब उन सबकी चिंता बढ़ गई है, वहीं प्रशासन ने आपराधिक मामला दर्ज करने की बात कही है।

लापरवाही की यह घटना मंगलवार की है। मिल जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से कल दिन में तीन मरीजों को छुट्टी दी गई थी। बाद में लाल बाजार का विश्व शर्मा और राजा गार्डन के एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इससे सकते में आए अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार को देर रात लाल बाजार के मरीज को फोन करके दोबारा बुलाया। बताया कि गलती से तुम्हें निगेटिव समझकर वापस भेज दिया गया। इस पर वह खुद ही देर रात दुपहिया वाहन पर सिविल अस्पताल में पहुंच गया। इसकी खबर फैलते ही शहर में दहशत का माहौल पैदा हो गया है।

लाल बाजार में मोटरसाइकल पर घूमा था मरीज
मरीज घर जाकर अपने परिवार वालों और रिश्तेदारों से भी मिला था। वह इलाके में मोटरसाइकल पर गलियों में भी घूमा था। ठीक होने पर उसके दोस्तों ने उस पर फूल बरसाए थे। अब अस्पताल बुलाए जाने पर उसके स्वजनों और मित्रों को चिंता हो गई है। अब उनके दोबारा टेस्ट लिए जाएंगे। मरीज ने इसे सेहत विभाग की लापरवाही बताया और स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की। उसने बताया कि उसे कांग्रेस नेता के संपर्क में आने पर संक्रमण हुआ था।  

राजा गार्डन में भी मची अफरा-तफरी
जिस मरीज को निगेटिव बताकर घर जाने को कहा था, उसकी रिपोर्ट भी देर रात पॉजिटिव ही आई थी। राजा गार्डन के रहने वाले व्यक्ति की बेटी भी अस्पताल दाखिल थी, जिस कारण वह उसके वार्ड में रुक गए थे। पुलिस और सेहत विभाग की टीम देर रात उसे लेने घर पहुंच गई। वहां पता चला कि वह तो घर आया ही नहीं, अस्पताल में है। विभाग की लापरवाही के चलते पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मरीज से संपर्क किया तो उसने खुद बताया कि वह अस्पताल में ही है। उसके बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में दोबारा दाखिल कर इलाज शुरू किया गया। मरीज ने कहा कि उनकी बेटी भी अस्पताल में ही दाखिल है। इस कारण वह रुक गए थे। सुबह जब वह घर जाने लगे तो स्टाफ ने उनसे रुकने के लिए कहा। उनका कुछ दिन इलाज चलेगा। हालांकि उन्हें रिपोर्ट पॉजिटिव आने की बात की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह ठीक होकर बेटी के साथ ही घर जाएंगे।

मामला गंभीर, जांच के आदेश दिएः सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में लापरवाही कहां और किससे हुई है, इसका पता चलेगा और उसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीज का छुट्टी के बाद घर जाकर गलियों में मोटरसाइकल पर चक्कर लगाना और दोस्तों का घर से बाहर उससे मिलना कानूनी जुर्म है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही।



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