गुरु गोविंद सिंह का शहीदी दिवस; 61 साल पहले चांद के अंधेरे हिस्से की पहली तस्वीर और 2001 में अफगानिस्तान पर हमला


  • Hindi News
  • National
  • Today History For October 7th What Happened Today | Guru Gobind Singh Murdered | First Image Of Darker Side Of Moon Captured By Luna 3 | US, British Forces Begun Airstrike On Afghanistan

2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

सिखों के दसवें और अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह जी ऐसे वीर संत थे, जिनकी मिसाल दुनिया के इतिहास में कम ही मिलती है। उन्होंने मुगलों के जुल्म के सामने कभी भी घुटने नहीं टेके और सिखों को खालसा पंथ की स्थापना की। आज उनका शहीदी दिवस है। 1708 में 7 अक्टूबर को वे मुगलों से लड़ाई में शहीद हुए।

वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह और सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं जैसे वाक्य गुरु गोविंद सिंह की वीरता को बयां करते हैं। 15वीं सदी में गुरु नानक ने सिख पंथ की स्थापना की। गोविंद सिंह जी के पिता गुरु तेग बहादुर भी इस पंथ के गुरु थे।

गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। आनंदपुर साहिब में वैशाखी के अवसर पर एक धर्मसभा के दौरान उन्होंने पंच प्यारों को चुना। उनके ही निर्देश पर सिखों के लिए खालसा पंथ के प्रतीक के तौर पर केश, कंघा, कृपाण, कच्छ और कड़ा अनिवार्य हुआ।

2001: अफगानिस्तान में युद्ध शुरू हुआ

अफगानिस्तान में तालिबान और अल-कायदा के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक शुरू हुई थी।

अफगानिस्तान में तालिबान और अल-कायदा के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक शुरू हुई थी।

जब तालिबान ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के हैंडओवर से मना कर दिया तो अमेरिकी और ब्रिटिश सेनाओं ने 7 अक्टूबर 2001 को अफगानिस्तान में अल-कायदा और तालिबान ठिकानों को निशाना बनाया। एयरस्ट्राइक शुरू हुई और इस मिशन को नाम दिया- ऑपरेशन एंड्यूरिंग फ्रीडम। यह हमले ग्लोबल वॉर ऑन टेरर का हिस्सा थे।

1959: चांद के अंधेरे हिस्से की पहली झलक मिली

चांद के अंधेरे हिस्से को दिखाने वाली यह है पहली तस्वीर। इसे लूना-3 ने 1959 में खींचा था।

चांद के अंधेरे हिस्से को दिखाने वाली यह है पहली तस्वीर। इसे लूना-3 ने 1959 में खींचा था।

सोवियत स्पेसक्राफ्ट लूना 3 ने पहली बार चांद के दूर वाले हिस्से की तस्वीर 7 अक्टूबर 1959 को ली। इन तस्वीरों की मदद से ही एस्ट्रोनॉमर्स चांद के अंधेरे हिस्से का एटलस बना सके थे। यह तस्वीरें उन हिस्सों की हैं, जो पृथ्वी से नहीं दिखते। चांद का मूवमेंट कुछ इस तरह का है कि अलग-अलग समय में भी पृथ्वी से सिर्फ 59% हिस्सा ही दिखता है।

इतिहास में आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है..

  • 1586ः मुगल सेना ने कश्मीर में प्रवेश किया।
  • 1702ः मार्लबोरो के नेतृत्व में ब्रिटिश और डच सैनिकों पर कब्जा किया।
  • 1714ः नीदरलैंड्स के अल्कमार में बीयर पर टैक्स लगने के कारण लोगों ने दंगा किया।
  • 1737ः बंगाल में 20 हजार छोटे जहाज के समुद्र में 40 फीट नीचे डूब गए। इस हादसे में तीन लाख लोगों की मौत ​हुई।
  • 1780ः अमेरिकी मिलिशिया ने ब्रिटिश सेना को किंग्स माउंटेन, दक्षिण कैरोलिना के पास हराया गया।
  • 1886ः स्पेन ने क्यूबा की गुलामी समाप्त की।
  • 1916ः सिडनी के तारोंगा शहर में एक चिड़ियाघर बनाया गया, जिसमें जानवरों के लिए कोई पिंजरा नहीं था।
  • 1942ः अमेरिका और ब्रिटिश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की घोषणा की।
  • 1949ः पूर्वी जर्मनी, डेमोक्रेटिक सरकार के अस्तित्व में आने के साथ एक अलग देश बना।
  • 1950: मदर टेरेसा को वेटिकन से कलकत्ता में नन के मिशनरीज ऑफ चैरिटी ऑर्डर बनाने की इजाजत मिली।
  • 1952ः चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाया गया।
  • 1977ः तत्कालीन सोवियत रूस ने चौथे संविधान को शामिल किया।
  • 1987ः सिख राष्ट्रवादियों ने भारत से खालिस्तान की स्वतंत्रता की घोषणा की।
  • 1992ः भारत में रैपिड एक्शन फोर्स की स्थापना की गई। इसका गठन सांप्रदायिक दंगों में सहानुभूति के साथ निपटने के लिए एक एक्सपर्टाइज फोर्स के तौर पर हुआ।
  • 2000ः जापान में मानव क्लोनिंग दंडनीय अपराध घोषित हुआ।
  • 2008ः टाटा के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा कि नैनो प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने गुजरात में 1,100 एकड़ जमीन हासिल कर ली है।
  • 2009ः भारतवंशी वेंकटरमन रामाकृष्णन, याले प्रोफेसर थॉमस स्टेट्ज और इजरायली अदा योनाथ को रसायन का नोबेल देने की घोषणा हुई।



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply