चिराग पासवान ने पीएम मोदी का जताया आभार, कहा- आपका आशीर्वाद हमेशा बना रहे


लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चिराग पासवान ने दारुण दुख की घड़ी में सहयोग करने तथा हौसला बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया है। रविवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, द्वारा पापा की अंतिम यात्रा में किए गए सहयोग के लिए हृदय से आभार। सर, आपने पापा की अंतिम यात्रा के लिए सभी व्यवस्था बिना मांगे की। बेटे के तौर पर मैं एक मुश्किल समय से गुजर रहा हूं। आप के साथ से हिम्मत और हौसला दोनो बढ़ा है। आप का आशीर्वाद व स्नेह हमेशा बना रहे। 

वहीं रामविलास पासवान को भारत रत्न दिलाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और ‘हम’ प्रमुख जीतन राम मांझी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे। वे जल्द ही दोनों से इस बाबत मिलने के लिए समय लेंगे। गौरतलब हो कि जीतन राम मांझी ने रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग पत्र भेजकर भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द से की है। मांझी रामविलास पासवान को अपना बड़ा भाई मानते हैं। 

पैतृक गांव और बनारस जाएगा पासवान का अस्थि कलश
स्वर्गीय रामविलास पासवान का अस्थि कलश उनके पैतृक गांव खगड़िया के शहरबन्नी तथा बनारस ले जाया जाएगा। रामविलास पासवान के छोटे भाई व सांसद पशुपति पारस ने कहा कि हमारे गांव शहरबन्नी के पास फुलतौरा घाट पर अस्थि प्रवाहित की जाएगी। रामविलास पासवान बचपन में इस नदी को पार कर अपने स्कूल जाया करते थे। उस समय वहां पुल नहीं था। बनारस के गंगा तट पर भी इसका प्रवाह हम लोग करेंगे। कहा कि और भी जगह अस्थि कलश ले जाने पर परिवार के लोग विचार कर रहे हैं। एक-दो दिनों में यह तय हो जाएगा। 

12 जनपथ स्मारक घोषित हो
रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति पारस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि स्व. पासवान के दिल्ली स्थित आवास 12 जनपथ को स्मारक घोषित किया जाए। इस आवास में रामविलास पासवान वर्ष 1989 से लगातार रहे थे। इस आवास से उनका बहुत ही लगाव था। आवास को बहुत ही मन से उन्होंने सजाया संवारा था। कहा कि देश के दूसरे अंबेडकर थे रामविलास पासवान। रामविलास पासवान को भारत रत्न सम्मान दिए जाने की भी मांग की है। इधर प्रदेश भर के स्वर्गीय पासवान को चाहने वाले पार्टी कार्यालय में रविवार को भी दिनभर आते रहे और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।



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