जनवरी-मार्च तिमाही में 9 बड़े शहरों में फ्लैट्स की बिक्री 26% गिरी, नए फ्लैट्स की संख्या भी घटी


  • मार्च तिमाही के दौरान कुल 69,235 यूनिट्स की बिक्री हुई है।
  • पिछले साल कुल 93,936 यूनिट्स की बिक्री हुई थी।

दैनिक भास्कर

Apr 23, 2020, 04:21 PM IST

नई दिल्ली. कोविड-19 महामारी का प्रभाव सबसे ज्यादा रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ा है। पहले से आर्थिक सुस्ती झेल रही रियल एस्टेट सेक्टर एतिहासिक मंदी की ओर है। न्यूज कॉर्प समर्थित प्राप टाइगर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से मार्च के बीच देश के 9 बड़े शहरों में घरों की बिक्री में 26 फीसदी की गिरावट आई है। हाउसिंग ब्रोकरेज फर्म ‘रियल इनसाइट: क्यू 4 एफवाई 20’ ने अपनी रिपोर्ट में कहा, इस साल मार्च की तिमाही के दौरान कुल 69,235 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जबकि समान अवधि में पिछले साल कुल 93,936 यूनिट्स की बिक्री हुई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल न्यू लॉन्चिंग फ्लैट्स में करीब 51 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल समान अवधि में 72,932 यूनिट्स लॉन्च किए गए थे, जबकि इस साल केवल 35,668 यूनिट्स ही लाॅन्च किए गए हैं। बता दें कि अन्य ब्रोकरेज और सलाहकारों की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2020 के पहले तीन महीनों (जनवरी-मार्च) में बिक्री में 30-40 फीसदी तक की कमी आई है।

ब्रिकी के लिहाज से मार्च अहम माह होता है
हाउसिंग डॉट कॉम, माकन डॉट कॉम और प्रॉप टाइगर ग्रुप के सीईओ, ध्रुव अग्रवाल का कहना है कि बिक्री के लिहाज से मार्च का महीना काफी अहम होता है। ऐसे में इस साल कोरोनावायरस महामारी के चलते रियल एस्टेट सेक्टर पर बुरा असर साफ दिख रहा है।

इन शहरों में भारी गिरावट
आकंड़ों के अनुसार, देश के 9 बड़े शहरों- अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, गुरुग्राम (भिवाड़ी, धारूहेड़ा और सोहना सहित), हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई (नवी मुंबई और ठाणे सहित), पुणे और नोएडा (नोएडा, नोएडा एक्सटेंशन और यमुना एक्सप्रेसवे) में आवास की बिक्री में गिरावट आई है। मुंबई में घरों की बिक्री 14 फीसदी घटकर 23,969 यूनिट्स पर आ गई। जबकि घरों की बिक्री में पुणे में 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। अहमदाबाद में घरों की बिक्री 36 फीसदी गिरावट के साथ 4,549 यूनिट्स पर आ गई है। जबकि बेंगलुरु में 24 फीसदी घटकर 8,197 यूनिट्स रही। चेन्नई की बात करें तो यहां घरों की बिक्री में 23 फीसद गिरावट दर्ज की गई है।

गुरुग्राम सबसे ज्यादा प्रभावित
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की बात की जाए तो गुरुग्राम में फ्लैट्स की बिक्री में 73 फीसदी तक की गिरावट आई है। यहां 1,901 यूनिट्स फ्लैट्स हैं। नोएडा में 3,152 इकाइयों पर 26 फीसदी की कमी देखी गई है। कोलकाता में घरों की बिक्री में 41 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है।

अपार्टमेंट की ऑनलाइन बुकिंग जारी है
ध्रुव अग्रवाल का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर जल्द रिकवर भी कर लेगा। आर्थिक राहत पैकेज और हाल में आरबीआई द्वारा घोषित कई समर्थन उपाय से सेक्टर को उबरने में मदद मिल सकता है। अग्रवाल ने कहा कि लाॅकडाउन के चलते ग्राहकों में कई बड़े बदलाव भी देखे गए हैं। इन दिनों वे ऑनलाइन घरों की तलाश कर रहे हैं। वर्चुअल साइट विजिट भी कर रहे हैं। साथ ही अपार्टमेंट की ऑनलाइन बुकिंग भी जारी है।

प्रोजेक्ट्स और बिल्डरों की होगी ग्रेडिंग
उत्तर प्रदेश में घर खरीदने की योजना बना रहें होमबॉयर्स अब डेवलपर्स की धोखाधड़ी से बच जाएंगे। अब वे घर खरीदने से पहले डेवलपर्स और परियोजनाओं के ग्रेड देख सकेंगे। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) द्वारा हर बिल्डर के लिए 120 पॉइंट का पैरामीटर रखा जाएगा। काम के हिसाब से बिल्डर को ग्रेड दी जाएगी। समय पर प्रॉजेक्ट पूरा नहीं करने वाले, डिफाल्टर, मानक के हिसाब से निर्माण की गुणवत्ता में कमी रखने वाले बिल्डरों को ग्रेडिंग में शामिल नहीं किया जाएगा। नक्शा पास कराने के लिए दस्तावेज में ग्रेड लिखना होगा, ताकि प्राधिकरण को बिल्डर का स्टेटस पता हो। बिल्डरों की ग्रेडिंग का सबसे ज्यादा फायदा बायर्स को मिलेगा, क्योंकि बिल्डर को बायर्स से बताना होगा कि यूपी रेरा ने उसे किस ग्रेड में रखा है। बिल्डर न भी बताए तो रेरा की वेबसाइट पर उसकी ग्रेडिंग देखी जा सकती है। ऐसे में बायर्स उस प्रॉजेक्ट में ही निवेश करेगा जिसके बिल्डर की ग्रेड अच्छी होगी।



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