जिस आलीशान एयरक्राफ्ट की फोटो शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की ‘फकीरी’ पर तंज कसा जा रहा, जानिए क्या है उसका सच


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  • Fact Check: Sharing The Picture Of The Luxurious Aircraft, PM Modi’s ‘fakeeri’ Statement Is Being Taunted On Social Media, Know What Is The Truth Of It

3 घंटे पहले

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क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर आलीशान इंटीरियर की एक फोटो शेयर की जा रही है। बताया जा रहा है कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया विमान है। फोटो शेयर करते हुए लोग पीएम के ‘हम तो फकीर आदमी हैं’ वाले बयान पर तंज कस रहे हैं।

और सच क्या है ?

  • 1 अक्टूबर को एडवांस डिफेंस सिस्टम से लैस बोइंग-777 एयरक्राफ्ट अमेरिका से दिल्ली पहुंचा। इस एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री करेंगे। वायरल हो रही फोटो को इसी विमान का बताया जा रहा है।
  • दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर बोइंग-777 एयरक्राफ्ट से जुड़ा एक आर्टिकल है। इस आर्टिकल में एयरक्राफ्ट में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। हालांकि वो फोटो नहीं है, जो सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है। बोइंग-777 से जुड़ी अलग-अलग खबरें इंटरनेट पर देखने के बाद भी हमें ये तस्वीर नहीं मिली।
जिस आलीशान एयरक्राफ्ट की फोटो शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की 'फकीरी' पर तंज कसा जा रहा, जानिए क्या है उसका सच
  • वायरल फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें Business Insider वेबसाइट पर 25 मई, 2020 का एक आर्टिकल मिला। जिसमें यही फोटो है। इससे ये तो साफ हुआ कि वायरल फोटो हाल में भारत आए बोइंग-777 एयरक्राफ्ट की नहीं है।
  • Business Insider वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, वायरल फोटो में दिख रहा इंटीरियर मशहूर एविएशन कंपनी Deer Jet के एक चीनी एयरक्राफ्ट का है।
जिस आलीशान एयरक्राफ्ट की फोटो शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की 'फकीरी' पर तंज कसा जा रहा, जानिए क्या है उसका सच
  • Deer Jet एविएशन की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी हमें यही फोटो मिला। इस एयरक्राफ्ट का नाम है 787 Dreamliner. फोटो में दिख रहे इंटीरियर को फ्रांस के एयरक्राफ्ट इंटीरियर डिजाइनर Acques Plerrejean ने 3.5 साल में बनाया था।
  • 2 महीने पहले भी इसी फोटो को पीएम मोदी का निजी जेट बताकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। तब केंद्र सरकार के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक के जरिए सरकार ने इस दावे को फेक बताया था।





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