जेंडर डायवर्सिटी बढ़ाने पर फोकस: कैंपस से लड़कियों की भर्ती ज्यादा करेंगी IT कंपनियां, टॉप-4 कंपनियों का 60,000 फीमेल ग्रेजुएट हायर करने का प्लान


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नई दिल्ली11 मिनट पहले

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इंडियन आईटी कंपनियां जेंडर डायवर्सिटी (महिला कर्मचारियों की संख्या पुरुषों के बराबर लाने की कवायद) बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं। इसके लिए TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCL टेक्नोलॉजीज ने इस साल कैंपस से लगभग 60,000 फीमेल ग्रेजुएट्स की भर्ती करने का प्लान बनाया है। ज्यादातर बड़ी IT कंपनियां शायद पहली बार एंट्री लेवल पर बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती करने वाली हैं।

HCL टेक की कैंपस हायरिंग में 60% तक लड़कियां हो सकती हैं

इस साल HCL टेक कैंपस से जितने ग्रेजुएट्स की भर्ती करने वाली हैं, उनमें से 60% तक लड़कियां हो सकती हैं। विप्रो और इंफोसिस यह कोशिश कर रही हैं कि इस साल की भर्तियों में लगभग आधी लड़कियां हों। जहां तक TCS की बात है, तो उनके यहां नई हायरिंग में पिछले तीन साल की तरह लड़कियों का प्रतिशत 38-45% रह सकता है।

HCL टेक का इस साल एंट्री लेवल पर कुल 22,000 ग्रेजुएट को भर्ती करने का प्लान है। वह आने वाले वर्षों में पुरुष और महिला कर्मियों की संख्या बराबरी पर लाने के लिए ऐसा कर रही है। कंपनी के चीफ HR ऑफिसर अप्पाराव वी पी के मुताबिक, ‘यह अभी हो पाएगा, जब टैलेंट पूल को एंट्री लेवल से बनाना शुरू किया जाएगा।’

महिलाओं को WFH और ऑफिस वर्क की सुविधा दे रही है इंडस्ट्री

देश की सभी दिग्गज IT कंपनियां अपने वर्कफोर्स में महिलाओं की संख्या बढ़ा रही हैं। पिछले दो साल से HCL टेक में एंट्री लेवल की भर्तियों में 40% महिलाएं रह रही हैं। इंडस्ट्री बॉडी नैसकॉम के मुताबिक, इस समय घरेलू IT इंडस्ट्री के हर तीन एंप्लॉयी में एक महिला है।

नैसकॉम की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संगीता गुप्ता के मुताबिक, ‘डिजिटल स्पेस में टैलेंट की मांग बढ़ने के चलते इंडस्ट्री कैंपस हायरिंग के जरिए वर्कफोर्स में महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर काम कर रही हैं। इसके अलावा वे महिलाओं को ऑफिस और घर, दोनों जगहों से काम करने की सुविधा दे रही हैं और उनकी स्किल बढ़ाने पर भी काम कर रही हैं।’

2030 तक महिलाओं का प्रतिशत 45% तक लाने का टारगेट

कैंपस हायरिंग में इंफोसिस को लड़कियों से अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। कंपनी के HR हेड रिचर्ड लोबो के मुताबिक, ‘हम एंट्री लेवल की हायरिंग में 50:50 का अनुपात रख रहे हैं। लेकिन हम भर्तियां मेरिट पर करते हैं। स्किल की जोरदार मांग को ध्यान में रखते हुए हैं, हम ऊपर के लेवल पर हायरिंग में भी ऐसा तरीका अपना रहे हैं।’

इंफोसिस ने 2030 तक टोटल वर्कफोर्स में महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाकर 45% तक लाने का टारगेट तय किया है। कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में लगभग 35,000 कॉलेज ग्रेजुएट को हायर करने की योजना बनाई है।

TCS कैंपस से 40,000 ग्रेजुएट हायर करेगी, 18000 लड़कियां हो सकती हैं

देश की सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी TCS इस साल कैंपस से 40,000 ग्रेजुएट हायर करने वाली है। इनमें से 15,000-18,000 लड़कियां हो सकती हैं। कंपनी में फिलहाल 1,85,000 महिलाएं काम कर रही हैं। कंपनी की चीफ लीडरशिप एंड डायवर्सिटी ऑफिसर रितु आनंद के मुताबिक, ‘TCS सबसे ज्यादा फीमेल स्टाफ वाली कंपनियों में शामिल है।’

विप्रो इस साल कैंपस से 30,000 ग्रेजुएट्स हायर करने वाली है जिनमें से आधी लड़कियां हो सकती हैं। कंपनी के स्टाफ में अभी 35% महिलाएं हैं। कंपनी के चीफ HR ऑफिसर सौरभ गोविल के मुताबिक, ‘कैंपस हायरिंग में लड़कियों की संख्या हर साल लगातार बढ़ रही है।’

फ्लेक्सिबल वर्क मॉडल से होगी भर्तियों में आसानी

कोविड के चलते वर्क फ्रॉम होम और फ्लेक्सिबल वर्क मॉडल के जरिए काम बढ़ा है। नैस्कॉम की सीनियर वीपी कहती हैं, ‘इसको देखते हुए इंडस्ट्री के लिए उन महिलाओं के टैलेंट पूल को एक्सेस करना आसान होगा, जिन्होंने काम छोड़ दिया था।’

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