टाटा ग्रुप ऑनलाइन मार्केटप्लेस इंडियामार्ट में खरीद सकता है बड़ी हिस्सेदारी, अभी 14,669 करोड़ रुपए है इंडियामार्ट का मार्केट वैल्यू


नई दिल्ली28 मिनट पहले

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मुकेश अंबानी की जियोमार्ट ने पहले ही भारतीय ऑनलाइन बाजार में अमेजन और वालमार्ट के प्रभुत्व को चुनौती दे दी है, अब टाटा ग्रुप भी किसी अधिग्रहण के जरिये इस बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहता है

  • इंडियामार्ट के शेयरों में इस साल 142% का उछाल आया है
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा ग्रुप बिगबास्केट में भी बड़ा निवेश करना चाहता है

ई-कॉमर्स बाजार में पैठ बढ़ाने के लिए टाटा ग्रुप भारतीय ऑनलाइन रिटेलर इंडियामार्ट का अधिग्रहण कर सकता है। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि टाटा ग्रुप ने एक बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड से संपर्क किया है। बातचीत अभी शुरुआती चरण में है।

इंडियामार्ट बिजनेस-टू-बिजनेस मार्केटप्लेस है। इंडियामार्ट के शेयरों में इस साल 142 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उसका मार्केट वैल्यू करीब 2 अरब डॉलर (करीब 14,669 करोड़ रुपए) हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा ग्रुप सुपरमार्केट ग्रॉसरी सप्लाईज प्राइवेट (लोकप्रिय नाम बिगबास्केट) में भी बड़ा निवेश करना चाहता है।

इंडियामार्ट ने निवेश की बातचीत की खबर को खारिज किया

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडियामार्ट के संस्थापक और सीईओ दिनेश अग्रवाल ने हालांकि कहा कि इंडियामार्ट और टाटा समूह के बीच निवेश या अधिग्रहण के लिए बातचीत होने की कोई भी खबर पूरी तरह से गलत है। इंडियामार्ट की वेबसाइट के मुताबिक भारतीय ऑनलाइन बी2बी क्लासिफाइड मार्केट में उसका 60 फीसदी कब्जा है। कंपनी की स्थापना 1999 में हुई थी और अभी देशभर में उसके 84 कार्यालयों में 3,150 कर्मचारी काम कर रहे हैं।

भारतीय ऑनलाइन बाजार में बढ़ती जा रही है प्रतिस्पर्धा

भारतीय ऑनलाइन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। अभी तक भारतीय ऑनलाइन बाजार में अमेजन डॉट कॉम इंक और वालमार्ट इंक की घरेलू इकाइयों का दबदबा रहा है। अरबपति मुकेश अंबानी की जियोमार्ट ने उनके प्रभुत्व को चुनौती दी है। अब टाटा ग्रुप भी किसी अधिग्रहण के जरिये इस बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहता है।

दो सूत्री नीति पर काम कर रहा है टाटा ग्रुप

एक जानकार सूत्र ने पिछले महीने कहा था कि टाटा अपने ऑनलाइन मॉडल को मजबूत करने के लिए दो सूत्री नीति पर काम कर रहा है। एक ओर वह किसी अन्य मार्केटप्लेस का अधिग्रहण करना चाहता है। दूसरी ओर वह निवेशकों की भी खोज कर रहा है, जो उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी खरीद सकें।



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