तेजस्वी सूर्या का आरोप- ममता की पुलिस ने BJP के 3 सांसदों से की हाथापाई, बोले- अधिकारी वर्दी हटाकर लगा लें TMC का झंडा


पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रहा है। राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर लगातार हमलावर भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक के बाद एक अपने नेताओं का बंगाल दौरा करा रही है। हाल ही में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त हुए तेजस्वी सूर्या भी बंगाल पहुंचे। यहां ना सिर्फ उन्होंने ममता सरकार पर जमकर बरसे बल्कि, पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के संग राज्य सचिवालय तक मार्च में भी शामिल हुए।

तेजस्वी सूर्या ने बंगाल पुलिस पर तीन सांसदों को बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने के लिए हमने आधी रात को 2 घंटे से अधिक समय तक इंतजार किया। पुलिस ने एफआईआर करने के बजाय तीन सांसदों के सा हाथापाई की। हम विशेषाधिकार के उल्लंघन के लिए एक प्रस्ताव दायर करेंगे और ममता की पुलिस को सबक सिखाएंगे।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर ‘नबन्ना मार्च’ किया। इस दौरान दोनों शहरों के कई हिस्से भी प्रभावित हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पुलिस की कार्रवाई में भाजपा के कई नेता एवं कार्यकर्ता घायल हो गए। 

 

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम (एनडीएमए) का उल्लंघन करने को लेकर भाजपा के 100 से अधिक समर्थकों को हिरासत में लिया गया। यह अधिनियम कोविड-19 महामारी के कारण 100 से अधिक लोगों के एकत्र होने और राजनीतिक रैली करने पर रोक लगाता है। 

भाजयुमो अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कहा कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर बम बरसाए गए। हमने इसके लोकर पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की अपील की, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास दो विकल्प हैं: या तो कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज करें या वर्दी हटाएं और टीएमसी पार्टी का झंडा लगाएं।

अगले साल अप्रैल-मई में पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या सहित कई राजनीतिक हत्या की घटना देखने को मिली हैं।  भाजपा के बैरकपुर सांसद अर्जुन सिंह के करीबी सहयोगी मनीष शुक्ला को शनिवार को गोली मारे जाने की घटना प्रदर्शन का तात्कालिक वजह थी। 

अधिकारियों ने बताया कि भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने बृहस्पतिवार को राज्य सचिवालय ‘नबन्ना की ओर मार्च का आह्वान किया था। वहीं, पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन और प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं ने प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। भाजयुमो प्रमुख और बेंगलुरू दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या भी प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे। 

हजारों की संख्या में पुरूषों और महिलाओं के राज्य सचिवालय ‘नबन्ना की ओर मार्च करने के दौरान पुलिस और दंगा रोधी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) से उनकी झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ, सड़कों को जाम किया गया और टायरों में आग भी लगाई गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा अवरोधक लांघने की कोशिश करने पर पुलिस के साथ उनकी कई स्थानों पर झड़प हुई।

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ”ममता दीदी द्वारा राज्य की शक्ति के दुरुपयोग के बावजूद हम बंगाल की जनता के साथ खड़े हैं। हमारे भाजयुमो के बहादुर कार्यकर्ताओं ने उन्हें सचिवालय को बंद करने पर बाध्य कर दिया। यह इस बात की स्वीकारोक्ति है कि उन्होंने जनता का विश्वास खो दिया है।”



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