दिल्ली दंगा : युवाओं को जुटाने के लिए सोशल मीडिया का हुआ था इस्तेमाल, शरजील इमाम था शाहीन बाग का षडयंत्रकर्ता


उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में बड़ी साजिश से संबंधित मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम ने नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) के खिलाफ चक्का जाम के लिए युवाओं को जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने का फैसला किया था। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में यह आरोप लगाया है।

दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य राज्य के खिलाफ बड़े पैमाने पर पूर्वनियोजित हिंसा थी। चार्जशीट में स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव के बारे में भी उल्लेख है, जो सीएए के खिलाफ एक आंदोलन में दिसंबर 2019 के दौरान जंतर-मंतर पर उमर खालिद और शरजील इमाम से मिले थे।

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दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि उमर खालिद, योगेंद्र यादव और शरजील इमाम ने सीएए के खिलाफ चक्का जाम के लिए युवाओं को जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने का फैसला किया था। पुलिस ने 16 सितंबर को 17,000 से अधिक पेज की चार्जशीट दायर की थी।

चार्जशीट में कहा गया है जंतर-मंतर पर जेएनयू के छात्र उमर खालिद ने योगेंद्र यादव को शरजील इमाम से मिलवाया था। इसमें आरोप लगाया है कि शरजील शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन का षडयंत्रकर्ता था।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई हिंसा के बाद गत 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में 53 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 200 अन्य घायल हुए थे।

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