दुनिया भर में ग्राफिक, फोटो और वीडियो से फैलाई जा रही फेक न्यूज; पांच स्टेप से खुद को बनाएं फैक्ट चेकर


12 मिनट पहले

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​​​​ब्राइन एक्स. चेन. दुनिया एक और वायरस की चपेट में है। यह वायरस सालों से पूरी दुनिया में फलफूल रहा है। यह हमारे शरीर में नहीं, बल्कि हमारी इंटरनेट लाइफ में है। इस वायरस का नाम है “मिस इन्फॉर्मेशन” यानी अफवाहें। इसे हम फेक न्यूज के नाम से भी जानते हैं। नाम चाहे जो बोल लें पर ये साफ है कि ये हमारे लिए आज कल ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि अब इसे भावनाओं के साथ परोसा जा रहा।

अमेरिकी फैक्ट चेकिंग वेबसाइट के एडिटर एलन ड्यूक के मुताबिक, कुछ चीजों का ध्यान रख कर हम इस “वायरस” से बचा सकते हैं। सबसे पहले हमें जान लेना चाहिए कि फेक न्यूज और गलत जानकारियां किस शक्ल में हम तक पहुंच सकती हैं। वो बताते हैं कि सबसे ज्यादा गलत जानकारियां हम तक फोटो और टेक्स्ट की शक्ल में पहुंच रही हैं।

एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि फेक न्यूज या गलत जानकारियों को रोकने के लिए इसकी चेन को तोड़ना जरूरी है। यह चेन तभी टूटेगी, जब यूजर किसी जानकारी को सच मानने या साझा करने से पहले उसको चेक करेगा।

फेक ग्राफिक और फोटोज से सावधान रहें

यह इतनी खतरनाक होती हैं कि इससे अमेरिकी फैक्ट चेकिंग वेबसाइट के एडिटर एलन ड्यूक भी घबरा गए। एलन ड्यूक ने कहा, “हमारे आस-पास फैलने वाली अफवाहें या गलत सूचनाएं ज्यादातर इंटरनेट के जरिए मोबाइल से गढ़ी जाती थीं और फैलाई जाती थीं। लेकिन अब इसने और खतरनाक रूप ले लिया है। आज कल लोगों की लिखी गई बातों को अपने हिसाब से बदलकर और फोटो से छेड़-छाड़कर इसे ग्राफिक्स के शक्ल में परोसा जा रहा है।”

वीडियो की शक्ल में फैलाई जा रही अफवाहें

  • एलन ड्यूक कहते हैं- आजकल हमारे बीच अफवाहें और गलत जानकारियां वीडियो की शक्ल में भी फैलाई जा रही हैं। क्योंकि, आज कल स्मार्ट फोन में मौजूद आसान एडिटिंग टूल्स के जरिए इसे बनाना किसी के लिए भी बहुत आसान है। एक या एक से ज्यादा वीडियो को जोड़कर और झूठी कहानी बनाकर इसे इंटरनेट पर फैलाना आसान हो गया है।
  • फेक न्यूज के दौर में इस बात की आशंका ज्यादा है कि जिन्हें किसी सूचना की सख्त जरूरत है, वो फेक न्यूज का शिकार भी हो सकते हैं। जैसे कि आप अपने किसी जानने वाले को कोरोना से जुड़ी कोई जानकारी देने के लिए किसी वीडियो का सहारा लेते हैं, तो उस वीडियो में गलत या झूठी जानकारी भी हो सकती है, जो आपके जानने वाले के लिए भारी पड़ सकती है।
  • हमें उस जरिए का चुनाव करना चाहिए, जो संबंधित विषय में पेशेवर हो। अगर जरिया विश्वसनीय नहीं है तो हमें दी गई जानकारी की अपने लेवल पर जांच करनी चाहिए।

खुद एक फैक्ट चेकर बनें

  • फेक न्यूज और गलत जानकारियों को फिल्टर करने के लिए कोई टूल नहीं है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस अभी उस पीढ़ी में नही पहुंची है, जहां वह खुद जांचकर फेक न्यूज को रोक सके। आज इंटरनेट के जितने यूजर हैं, दुनिया में उतने ही कंटेन्ट पब्लिशर हैं। हर आदमी इंटरनेट पर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वीडियो, ग्राफिक, मोशन ग्राफिक के जरिए कुछ न कुछ पब्लिश कर रहा है।
  • एक बार कोई कंटेंट इंटरनेट पर पब्लिश होता है तो वह तब तक इंटरनेट की दुनिया में दौड़ता रहता है, जब तक कि उसकी चेन नहीं टूटती। फेक न्यूज और गलत जानकारियों की चेन को तोड़ने जरूरत है। इसके लिए बस एक यूजर की जरूरत है, जो उसे आगे न बढ़ाए। यानी यूजर के तौर पर आपको किसी जानकारी को शेयर करने और सच मानने से पहले उसकी जांच करनी चाहिए।

कैसे करें फैक्ट चेक

  1. सबसे पहले किसी भी कंटेंट को पढ़ने, देखने या सुनने के बाद आप खुद से कुछ सवाल जरूर करें। जैसे कि इस जानकारी के पीछे कौन है, इस जानकारी का क्या सुबूत है और इस जानकारी के बारे में दूसरे सोर्स क्या कहते हैं?
  2. किसी जानकारी की विश्वसनीयता की जांच करने के लिए सबसे पहले किसी वेब ब्राउजर को खोल कर उसमें Ctrl+T (Command+T मैक पर) टाइप करें।
  3. Ctrl+T कमांड के बाद ही ब्राउजर में नई टैब खुल जाएगी। इसमें सबसे पहले लिखने वाले आदमी का नाम सर्च करें (अगर दिया गया हो तो) या उस वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज का नाम सर्च करें, जिसका कंटेंट आप चेक करना चाहते हैं।
  4. सर्च करने के बाद सबसे ऊपर आ रहे कुछ लिंक को आप खोल लें और उसके बारे में लिखी गई बातों को ध्यान से पढ़ें। शायद इस तरह से आपको कंटेंट की सच्चाई का कुछ हद तक अंदाजा हो जाएगा।
  5. फायर फॉक्स और क्रोम ब्राउजर के लिए एक ब्राउजर प्लगिन आता है, जिसे इनविड कहा जाता है। आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं, फिर इसमें दिए गए स्टेप के जरिए किसी वीडियो की जांच भी कर सकते हैं।



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