देश में बनी पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल रुद्रम का टेस्ट कामयाब रहा, यह टारगेट को आवाज की रफ्तार से दोगुना तेजी से निशाना बना सकती है


नई दिल्ली6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ओडिशा के बालासोर स्थित इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से रुद्रम को सुबह 10.30 बजे सुखोई-30 फाइटर जेट के जरिए छोड़ा गया।

भारत ने शुक्रवार को पहली स्वदेशी एंटी रेडिएशन मिसाइल रुद्रम का सफल टेस्ट किया। इसे ओडिशा के बालासोर स्थित इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से सुबह 10.30 बजे सुखोई-30 फाइटर जेट के जरिए छोड़ा गया।

इस मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने इंडियन एयरफोर्स के लिए तैयार किया है। यह आधुनिक तकनीकों से लैस है और दुश्मन के रडार और सर्विलांस सिस्टम को चकमा दे सकती है। यह टारगेट को आवाज की रफ्तार से दोगुना तेजी से निशाना बना सकती है।

इस मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन ने इंडियन एयरफोर्स के लिए तैयार किया है।

इस मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन ने इंडियन एयरफोर्स के लिए तैयार किया है।

इसकी खासियत:

  • यह ऐसी स्वदेशी पहली मिसाइल है, जिसे किसी भी ऊंचाई से दागा जा सकता है। यह मिसाइल किसी भी तरह के सिग्नल और रेडिएशन को पकड़ सकती है। साथ ही मिसाइलें नष्ट कर सकती है।
  • यह रेडियो फ्रिक्वेंसी छोड़ने या रिसीव करने वाले किसी भी टारगेट को निशाना बना सकती है।

यह लॉन्चिंग से पहले और उसके बाद भी टारगेट को लॉक कर सकती है। टेस्ट में इसके सभी रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम पर नजर रखी गई। इसकी सभी तकनीकों का प्रदर्शन अच्छा रहा।

रुद्रम 500 मीटर से 15 किलोमीटर की ऊंचाई से करीब 250 किलोमीटर की रेंज तक निशाना साध सकती है।

रुद्रम 500 मीटर से 15 किलोमीटर की ऊंचाई से करीब 250 किलोमीटर की रेंज तक निशाना साध सकती है।

रक्षा मंत्री ने बधाई दी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए डीआरडीओ को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया- न्यू जेनरेशन एंटी रेडिएशन मिसाइल (रुद्रम-1) का आज बालासोर के आईटीआर से सफल परीक्षण किया गया। डीआरडीओ और इसे तैयार करने में लगे दूसरे भागीदारों को इस अहम उपलब्धि के लिए बधाई।





Source link

Be the first to comment

Leave a Reply