पुलिस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए थे रामविलास पासवान, 1969 में बने थे पहली बार विधायक


केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन हो गया। उनके बेटे और लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने गुरुवार की शाम को उनके निधन के बारे ट्वीट कर जानकरी दी है। 74 वर्षीय रामविलास पासवान पिछले कुछ महीने से बीमार चल रहे थे और साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती थे। उनके पास केन्द्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय था।

बता दें कि रामविलास पासवान को भारतीय दलित राजनीति के प्रमुख नेताओं में से एक और बिहार के कद्दावर नेता में गिना जाता था। रामविलास पासवना 16वीं लोकसभा में बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और एनडीएम की मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री थे। 

16वीं लोकसभा चुनाव में रामविलास पासवान ने बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल हुई थी। हालांकि 17वीं लोकसभा में उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। उन्होंने 10 संसदीय चुनाव लड़े और हाजीपुर से 8 बार जीत हासिल हुई थी। नीचे पढ़ें रामविलास पासवान का राजनीतिक करियर।

1. रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को बिहार के खगड़िया जिले के शाहरबन्नी गांव में अनुसूचित जाति परिवार में हुआ था। प्रारंभिक पढ़ाई उन्होंने अपने गृह जिले से ही की। उन्होंने लॉ ग्रेचुएट और मास्टर ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई की थी। छात्र राजनीति में सक्रिय रामविलास पासवान ने बिहार पुलिस की नौकरी से अपने कैरियर की शुरूआत की थी।  

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2. उनकी पहली शादी 1960 में खगड़िया की ही रहने वाली राजकुमारी देवी से हुई थी। हालांकि 2014 में उन्होंने बताया कि 1981 में उन्होंने राजकुमारी देवी को तलाक दे दिया था। उनसे उनकी दो बेटियां हैं उषा और आशा। 

3. बिहार की राजनीति के धाकड़ नेता पासवान ने 1983 में अमृतसर(पंजाब) की रहने वाली एयरहोस्टेस और पंजाबी हिंदू रीना शर्मा से दूसरा विवाह किया। उनके पास एक बेटा और बेटी है। उनके बेटे चिराग पासवान भी राजनीति में हैं और बिहार के जमुई लोकसभा सीट से सांसद हैं।

4. बिहार पुलिस की नौकरी छोड़कर राजनीति में उतरे पासवान पहली बार 1969 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से बिहार विधान सभा के लिए विधायक चुने गए थे। उन्होंने हमेशा राज नरैण और जय प्रकाश नारायण को अपना आर्दश माना। छात्र जीवन से ही उन्होंने जयप्रकाश नारायण के समाजवादी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

5. 1975 में इमरजेंसी की घोषणा के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन्होंने इमरजेंसी के दौरान पूरी अवधि जेल में ही गुजारी। 1977 में उन्हें रिहा किया गया।

6.1969 से विधायक से शुरूआत करने वाले रामविलास पासवान 2019 तक यानि 50 साल से लगातार विधायक या फिर सांसद रहे। 

7. 1977 में जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वाले रामविलास पासवान ने हाजीपुर सीट से रिकॉर्ड मत से जीतकर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड में अपना नाम दर्ज कराया।

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8. कुछ संघर्ष भरे पल के बाद राजनीति में उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। विभिन्न दलों (लोक दल, जनता पार्टी- एस, समता दल, समता पार्टी, जद यू ) में रहने के बाद उन्होंने 28 नवंबर 2000 को दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी के गठन की घोषणा की।  

9. वे 1996 से 2018 तक बनी विभिन्न पार्टियों की लगभग सभी सरकारों में मंत्री रहे। यही वह वजह है कि उनके विरोधी उन्हें मौसम वैज्ञानिक का नाम से पुकारते हैं। तीन दशक से सभी सरकारों में केन्द्रीय मंत्रिमंडल में उनकी उपस्थिति रही। 

10. रामविलास पासवान 1996-1998 तक भारत के रेलमंत्री, 2001- 2002 तक केन्द्रीय खनिज मंत्री, 2004-2009 तक केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री भी रहे चुके थे।



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