फिजिकल सुनवाई में लौटने पर जस्टिस बोले- आपके बिना अकेलापन महसूस हो रहा था, अब आपको देखकर अच्छा लग रहा


आपके बिना अकेलापन महसूस हो रहा था और अब आपको देखकर अच्छा लग रहा है। लंबे अरसे बाद गुरुवार को न्याय के सबसे बड़े मंदिर सुप्रीम कोर्ट में जब फिजिकल सुनवाई शुरू हुई जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने चेहरे पर मुस्कान लिए अपनी खुशी इन शब्दों में जाहिर की। मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों एवं वकीलों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। 

जस्टिस चंद्रचूड़ के इस व्यवहार से अपने रोजमर्रा के कामकाज के तनाव में दिखने वाले वकीलों के चेहरे भी खिल उठे। कई वकीलों ने कहा कि फिजिकल सुनवाई सप्ताह में दो दिन नहीं, बल्कि चार दिन होनी चाहिए, तो कुछ ने कहा कि पहले की तरह सामान्य तरीके से सुनवाई पर विचार किया जाना चाहिए। महामारी कोरोना की दो लहरों के कारण एक साल सात माह के बाद सुप्रीम कोर्ट में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के पालन के साथ फिलहाल सप्ताह में दो दिन बुधवार और गुरुवार को सुनवाई करने का फैसला किया गया है। 

वरष्ठि वकील राकेश द्विवेदी और रंजित कुमार ने मुख्य एन वी रमन को फिजिकल सुनवाई शुरू करने के लिए धन्यवाद दिया। इस पर न्यायमूर्ति रमन ने कहा-हम दिवाली के बाद फिजिकल तरीके से सुनवाई का दायरा और बढ़ सकते हैं।ह्व वकीलों को उम्मीद है कि दिवाली के बाद शीर्ष अदालत में सप्ताह में चार दिन फिजिकल सुनवाई हो सकती है। 

कोराना महामारी के कारण मार्च 2020 से हाई कोर्ट में फिजिकल सुनवाई नहीं हो पा रही थी। वर्चुअल माध्यम से सुनवाई के दौरान नेटवर्क समेत कई प्रकार की तकनीकी समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा था। न्यायाधीशों एवं वकीलों के साथ-साथ इससे जुड़े अन्य लोगों भी परेशानी हो रही थी। कई न्यायाधीशों एवं वकीलों ने इस बारे में अदालती सुनवाई के दौरान अपनी समस्याएं परेशानियां साझा की थी।



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply