फ्लिपकार्ट, पेटीएम, जोमैटो, बिग बॉस्केट के साथ कई कंपनियां बना रही हैं आईपीओ की योजना, अगले साल से आ सकता है इश्यू


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मुंबई22 मिनट पहले

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  • हाल में आईपीओ बाजार काफी हिट रहा है और कंपनियों को अच्छा रिस्पांस मिला है
  • कोविड के बाद ई-कॉमर्स, फिनटेक कंपनियों का वैल्यूएशन तेजी से बढ़ा है

आईपीओ बाजार में कुछ उन कंपनियों का नंबर आ सकता है, जिनके बारे में आप बहुत ज्यादा जानते हैं। जिन कंपनियों की सेवाओं और प्रोडक्ट का आप ज्यादा उपयोग करते हैं। इनमें प्रमुख रूप से फ्लिपकार्ट, पेटीएम, जोमैटो, बिग बॉस्केट और अन्य कंपनियां हैं। यह कंपनियां वित्त वर्ष 2021 में या 2022 में आईपीओ ला सकती हैं।

काफी प्रसिद्ध हैं यह कंपनियां

एक ग्लोबल ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक यह सभी भारतीय यूनिकॉर्न प्रथम और दूसरे स्तर के शहरों में देश में काफी प्रसिद्ध हैं। इनके प्रोडक्ट काफी फेमस हैं। इनकी बाजार में अच्छी खासी हिस्सेदारी है। हाल में भारतीय शेयर बाजार में तेजी रही है और कई कंपनियों के आईपीओ काफी हिट रहे हैं। रिटेल निवेशकों ने इन आईपीओ में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। कई आईपीओ में तो इनका हिस्सा 35-40 गुना भरा है।

रिटेल की भागीदारी बढ़ी

विश्लेषकों के मुताबिक इन कंपनियों के आईपीओ के आने से रिटेल निवेशकों में और दिलचस्पी बढ़ेगी। इससे आईपीओ बाजार भी गुलजार होगा। यह कंपनियां उस सेक्टर की हैं जिसमें देश की युवा आबादी दिलचस्पी रखती है। ई-कॉमर्स, फिनटेक और फूड डिलिवरी वाली यह कंपनियां हैं। यह सभी कंपनियां इंटरनेट आधारित हैं और इस वजह से इनका अच्छा वैल्यूएशन हो सकता है।

फ्लिपकार्ट का आईपीओ 2021 में

फ्लिपकार्ट की बात करें तो यह देश में लीडिंग ई-कॉमर्स वेबसाइट है। इसका वैल्यूएशन 25 अरब डॉलर है। अमेरिका की रिटेल कंपनी वालमार्ट द्वारा समर्थित फ्लिपकार्ट का ई-कॉमर्स स्पेस में अमेजन और अब रिलायंस जियो मार्ट के साथ मुकाबला है। ई-कॉमर्स के बारे में अनुमान है कि यह 2025 तक 5 गुना से ज्यादा बढ़कर 133 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। वर्तमान में ई-कॉमर्स की भारत में अवेयरनेस 5 प्रतिशत से भी कम है लेकिन यह 2025 तक 10 प्रतिशत से ज्यादा हो जाएगी।

फ्लिपकार्ट के पास 6.19 करोड़ एक्टिव ग्राहक

फ्लिपकार्ट के एक्टिव ग्राहकों की संख्या 2014 में 77 लाख थी जो 2019 में 6.19 करोड़ हो गई। फ्लिपकार्ट भारत में 2007 में शुरू हुई थी। यह पहली ई-कॉमर्स कंपनी थी। वालमार्ट ने 2018 में इसे 16 अरब डॉलर में खरीद लिया था। फ्लिपकार्ट के पास मिंत्रा और जबांग भी है। इसका आईपीओ 2021 में आ सकता है।

बायजू का आईपीओ 2022-23 में

बायजू भारत की सबसे बड़ी एजुटेक कंपनी है जिसके पास 7 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और 45 लाख सालाना पैसा देनेवाले लोग हैं। कंपनी ऐप आधारित लर्निंग कंटेंट वीडियो लेक्चर्स के जरिए स्कूल के छात्रों को देती है। साथ ही यह एंट्रेंस एक्जाम के लिए कोचिंग देती है। देश में करीबन 26 करोड़ छात्र हैं। यह अमेरिका की तुलना में 5 गुना ज्यादा है।

कोविड-19 के बाद अचानक बायजू के छात्रों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो गई। इसका वैल्यूएशन 10.8 अरब डॉलर है। हाल में मुकेश अंबानी ने भी इस सेक्टर में कदम रखा है और इससे आनेवाले दिनों में इसमें प्रतिस्पर्धा तेज हो सकती है। इसका आईपीओ 2022-23 में आ सकता है।

पेटीएम का आईपीओ 2022 में

पेटीएम की बात करें तो यह 2010 में शुरू हुई थी। यह फिनटेक कंपनी है। भारत में डिजिटल पेमेंट में यह लीडिंग है। देश में डिजिटल पेमेंट के मामले में अभी 15 प्रतिशत ही अवेयरनेस है। यह अन्य बाजारों की तुलना में काफी कम है। पेटीएम के पास वर्तमान में 15 करोड़ के करीब एक्टिव यूजर्स हैं। 1.6 करोड़ मर्चेंट हैं। पेटीएम अब डिजिटल कंज्यूमर सेक्टर में उधारी देने की योजना पर फोकस कर रही है। इसके साथ ही यह बीमा, संपत्तियों के प्रबंधन, स्टॉक ब्रोकिंग और जनरल बैंकिंग भी शुरू कर दी है। बैंकिंग के लिए यह पेमेंट बैंक का इस्तेमाल कर रही है।

मजबूत मैनेजमेंट टीम के साथ पेटीएम के निवेशकों में सॉफ्टबैंक, एंट फाइनेंशियल, टी रोवे प्राइस, डिस्कवरी कैपिटल आदि हैं। इसका वैल्यूएशन 16 अरब डॉलर है। आईपीओ 2022 में आने की उम्मीद है।

ओला का आईपीओ 2021 में

ओला के बारे में बात करें तो यह 250 से ज्यादा शहरों में मौजूद है। इसका भारत में 50 प्रतिशत मार्केट शेयर है। 15 लाख ड्राइवर हैं। एक अरब राइड्स सालाना होती है। इसका रेवेन्यू वित्त वर्ष 2019 में 30.8 करोड़ डॉलर रहा है। वित्त वर्ष 2016 से 2019 के दौरान इसके रेवेन्यू में 39 प्रतिशत की बढ़त हुई है। कंपनी ने कुल 3.3 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इसका वैल्यूएशन 7 अरब डॉलर है। इसका आईपीओ 2021 तक आने की उम्मीद है।

फोन पे का 2023 में आईपीओ

फोन पे भी पेटीएम की तरह ही कारोबार में है। यह मेजर डिजिटल पेमेंट सर्विस देने वाली कंपनी है। यह फ्लिपकार्ट सपोर्ट कंपनी है। फोन पे का सालाना 180 अरब डॉलर का पेमेंट वैल्यू है। इसका मासिक लेन-देन 50 करोड़ है। फोन पे के पास 18 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। कंपनी 2022 तक लाभ में आने की उम्मीद कर रही है। इसका आईपीओ 2023 तक आ सकता है। इसका वैल्यूएशन 7 अरब डॉलर है।

डेलहीवरी का 2021-22 में आईपीओ

डेलहीवरी भी ई-कॉमर्स में एक लॉजिस्टिक कंपनी है। इसका 20 प्रतिशत मार्केट शेयर रेवेन्यू में है। ई-कॉमर्स के बारे में अनुमान है कि यह सेक्टर 90 अरब डॉलर तक 2023 तक जा सकता है। डेलहीवरी करीबन 18 हजार पिन कोड तक सेवा देती है। कंपनी ने अब तक 78 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इसका आईपीओ 2021-22 तक आ सकता है।

जोमैटो का आईपीओ 2021 में

जोमैटो भी फूड सर्विस इंडस्ट्री में है। यह इंडस्ट्री करीबन 80 अरब डॉलर की है। ऑन लाइन फूड डिलिवरी के बारे में अनुमान है कि यह 2025 तक 22 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। सालाना यह 40 प्रतिशत सीएजीआर की दर से बढ़ सकती है। इस सेगमेंट में जोमैटो की बाजार हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। यह 2021 में आईपीओ ला सकती है। इसका वैल्यूएशन 3.3 अरब डॉलर है।



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