फ्लैशबैक: 2015 के चुनावी दंगल में नरेन्द्र मोदी 26, अमित शाह 85, रामविलास पासवान 132 तो नीतीश कुमार ने की थी 210 जनसभाएं


कोरोना के साए में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में अब महज 19 दिन शेष हैं, लेकिन बड़े नेताओं की जनसभाएं अबतक नहीं आरंभ हुई हैं। यह दीगर है कि वर्चुअल माध्यम से जदयू, भाजपा, राजद, कांग्रेस पिछले कई महीनों से अपने कार्यकर्ता व समर्थकों को गोलबंद करने में जुटे हैं। पर जनसभाओं को लेकर फिलहाल दल अपनी-अपनी योजना ही तैयार कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक सत्ताधारी दल जदयू का हेलीकॉप्टर जल्द आने वाला है। प्रदेश जदयू अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चुनावी कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटा है। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक चौधरी के मुताबिक 14 अक्टूबर के बाद नीतीश कुमार की जनसभाएं आरंभ होंगी। जनसभा और वर्चुअल संवाद दोनों ही साथ-साथ चलेंगे। उधर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यक्रम 11 अक्टूबर से ही लगा था, लेकिन केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन से फिलहाल इसे स्थगित कर दिया गया है।

बहरहाल चाहे एनडीए हो या महागठबंधन या फिर अन्य दल, किसी ने भी चुनावी सभाओं की शुरुआत अभी नहीं की है। जबकि बात 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव की करें तो एक माह से अधिक नेताओं ने जनसभाएं की थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू, राजद, कांग्रेस के महागठबंधन के सामने एनडीए में शामिल भाजपा, लोजपा, हम और रालोसपा जैसी पार्टियां थीं। इस चुनाव में बड़े नेताओं ने माहभर में 1363 जनसभाएं की थीं। महागठबंधन के लिए तब नीतीश कुमार, लालू प्रसाद, सोनिया गांधी, राहुल गांधी ने तो एनडीए के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मंत्री नंदकिशोर यादव, लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान, पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने चुनावी कमान संभाली थी। इनके अलावा मायावती, मुलायम सिंह, पप्पू यादव आदि ने अपनी-अपनी पार्टियों क्रमश: बसपा, सपा और जाप के लिए ताबड़तोड़ प्रचार किए थे।

2015 के चुनाव में महागठबंधन को बिहार की जनता ने भारी जनसमर्थन दिया था और उसे 178 सीटों पर विजय मिली थी। महागठबंधन के नेता  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 210, लालू प्रसाद ने 226, राहुल गांधी ने 10 तो सोनिया गांधी ने तब 6 चुनावी सभाओं को संबोधित किया था। एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26, अमित शाह ने 85, सुशील मोदी ने 182, रामविलास पासवान ने 132, जीतन राम मांझी ने 136 और नंदकिशोर यादव ने 80 सभाओं को संबोधित किया। पप्पू यादव ने 250, मायावती ने 13, अखिलेश यादव ने 4 व मुलायम सिंह ने 3 सभाएं की थीं।

महीने भर में नरेन्द्र मोदी ने की थी ताबड़तोड़ 26 सभाएं
2015 के विधानसभा चुनाव में 2 अक्टूबर से 2 नवम्बर के बीच पीएम नरेन्द्र मोदी ने बिहार में ताबड़तोड़ 26 जनसभाएं की थीं। बांका, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद, भभुआ, सासाराम, मुंगेर, बेगूसराय, समस्तीपुर, मढ़ौरा, हाजीपुर, नालंदा, नौबतपुर, सीवान, बक्सर, बेतिया, मोतिहारी, सीतामढ़ी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, मधेपुरा, कटिहार, पूणिरया, फारबिसगंज, दरभंगा के लोगों को संबोधित किया था।  



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