बच्चों को पढ़ाने को मां-बाप ने की मजदूरी फिर भी नहीं पढ़ पाने की मजबूरी



घर के खर्च से लेकर तमाम चीजों में कटौती कर माला और उसके पति ने अपने बच्चों का नामांकन प्राइवेट स्कूल में कराया था। मेहनत-मजदूरी से कमाए रुपये से बच्चों के लिए किताबों का इंतजाम भी कर लिया। मगर इनकी…



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply