बिहार चुनाव में कांग्रेस ने दे दिया NDA को वॉकओवर? कहीं राजद महागठबंधन की लुटिया न डूबो दे पार्टी की यह रणनीति


बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस ने अभी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। पर पार्टी ने जिस तरह उम्मीदवारों का चयन कर उन्हें प्रत्याशी बनाया है, उसको लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता नाराज हैं। सबसे ज्यादा नाराजगी वरिष्ठ नेताओं के बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों टिकट को लेकर है। क्योंकि, इन सीटों पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई है।

कांग्रेस के टिकट बंटवारे से प्रदेश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता नाराज हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि जिस तरह उम्मीदवार घोषित किए गए हैं, उससे रणनीति का आभाव दिखता है। पार्टी को डर है कि उम्मीदवारों के नाम घोषित होने पर हंगामा बढ़ सकता है। इसलिए, ज्यादातर उम्मीदवारों को पार्टी का चुनाव चिन्ह देने के बावजूद नाम घोषित नहीं किए हैं।

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कार्यकर्ताओं को दूसरे जिलों में टिकट

प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि चुनाव में सभी पार्टियों की तरफ से घोषित उम्मीदारों का आंकलन करें, तो सबसे कमजोर प्रत्याशी कांग्रेस ने घोषित किए हैं। करीब डेढ दर्जन सीट ऐसी हैं, जहां हमने एनडीए को वॉकओवर दे दिया है। पार्टी ने थोड़े बहुत जिन कार्यकर्ताओं को टिकट दिया है, तो उन्हें दूसरे शहर में अंजान सीट पर प्रत्याशी बनाया है। यह बात समझ से परे है कि पार्टी ने प्रत्याशियों के चयन की पूरी कवायद क्यों की थी।

बेटे-बेटी और रिश्तेदारों को टिकट
पार्टी नेताओ का कहना है कि पार्टी ने सिर्फ बड़े नेताओं के बेटे-बेटियों को टिकट देने के लिए कार्यकर्ता की अनदेखी की है। कई नेताओं के रिश्तेदारों को भी टिकट दिया गया है। इस फेहरिस्त में मशहूर फिल्म अभिनेता शत्रुघन सिन्हा के बेटे लव सिन्हा और वरिष्ठ नेता शरद की बेटे सुभाषिनी यादव सहित कई नेताओं के बेटे बेटियां और रिश्तेदारों के नाम शामिल हैं।

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भाजपा को दिया मुद्दा

इसके साथ पार्टी ने अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष मश्कूर उस्मानीे को जाले सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। मशकूर दरभंगा के लालबाग में सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल रहे हैं। इसके साथ एएमयू छात्रसंघ हॉल में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर हुए विवाद भी शामिल रहे हैं। छात्र संघ के अध्यक्ष के तौर पर भाजपा पर पलटवार किया था।



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