बेटे पार्थ के ट्वीट पर जब अजीत पवार से पूछा सवाल तो बोले- मेरे पास केवल यही काम नहीं


महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को कहा कि मराठा कोटे पर एनसीपी ने अपना रूख स्पष्ट कर चुकी है, लेकिन उन्होंने राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मुद्दे को लेकर अपने बेटे के ट्वीट संबंधी सवालों का जवाब नहीं दिया। यहां संवाददाताओं से बातचीत में अजीत पवार ने कहा कि नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के पात्र सभी समुदायों को यह लाभ मिलना चाहिए।

बुधवार की रात सिलसिलेवार ट्वीट में उनके बेटे पार्थ पवार ने कहा था कि मराठा कोटा मामले पर वह सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप अर्जी देंगे। बेटे पार्थ पवार के ट्वीट के बारे में पूछने पर अजीत ने कहा कि मेरी बहन सुप्रिया सुले (लोकसभा सदस्य) पहले ही इस बारे में स्पष्ट कर चुकी है और हमने भी स्पष्ट कर दिया है कि यह एनसीपी का रुख नहीं है।

पार्थ के ट्वीट पर बार-बार सवाल करने पर अजीत ने कहा कि जब भी कोई ट्वीट आता है, हर बार मुझसे सवाल किया जाता है, लेकिन मुझे केवल यही काम नहीं है (प्रतिक्रिया देना) । राज्य में मेरे ऊपर और भी कई जिम्मेदारियां हैं।

उन्होंने कहा कि सभी लोग किसी भी विषय पर सोचने और ट्वीट करने के लिए आजाद हैं। उन्होंने कहा कि मेरी बहन सुप्रिया सुले ने हमारा रुख स्पष्ट कर दिया है और वही एनसीपी का रुख है। मराठा, धांगड़ या अन्य कोई समुदाय, जो भी पात्र है उसे आरक्षण मिलना चाहिए।

जानें पार्थ ने किया था क्या ट्वीट
महाराष्ट्र के बीड़ में एक मराठा युवक की आत्महत्या की खबर को ‘दुखद’ बताते हुए पार्थ ने ट्वीट किया था कि वह सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर करेंगे। गांधी जयंती पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद अजीत पवार ने उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत की घटना की निंदा की।

उन्होंने कहा कि ऐसा घटनाएं किसी भी राज्य में नहीं होनी चाहिए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानून होने चाहिए। केन्द्र को इस पर विचार कर और कठोर कानून बनाने चाहिए।



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