भारत-चीन विवाद पर फिर बोला अमेरिका- चीन अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से झगड़ा सुलझाने की बजाय पड़ोसियों को धमका रहा


  • भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी विवाद सुलझाने के लिए अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मध्यस्थता की पेशकश की थी
  • भारत और चीन की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में तीन बार आमने-सामने आईं, पर दोनों ही देशों ने अमेरिका की मध्यस्थता की पेशकश ठुकराई

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 12:56 AM IST

नई दिल्ली. लद्दाख में भारत-चीन विवाद पर अमेरिका ने एक बार फिर बयान दिया है। अमेरिका की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष इलियट एंजेल ने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन की उग्रता को लेकर हम बेहद परेशान हैं। चीन एक बार फिर यह दिखा रहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक मुद्दों को सुलझाने की बजाय पड़ोसियों को धमकाना चाहता है।

इलियट ने कहा कि हम ऐसी दुनिया में नहीं रहते, जहां ताकतवर को हर चीज करने का अधिकार मिल जाता है इसलिए सभी देशों को नियमों का पालन करना चाहिए। मैं चीन से अपील करता हूं कि वह भी नियमों का सम्मान करे। भारत के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए कूटनीति और मौजूदा मैकेनिज्म का इस्तेमाल करे।

चीन ने कहा- एलएसी पर हालात स्थिर, हालात बातचीत से संभालने लायक
चीन ने सोमवार को कहा कि एलएसी पर हालात स्थिर हैं और संभालने लायक हैं। दोनों देश कूटनीितक और सैन्य तरीकों से मसले का हल करने की कोशिशें कर रहे हैं और स्थिति बातचीत से संभालने लायक है।

भारत-चीन के विवाद से जुड़े 5 सवाल और उनके जवाब
1. भारत और चीन के सैनिक हाल में कब आमने-सामने आए?

  • तीन बार भारत और चीन के सैनिकों में टकराव हुआ। पूर्वी लद्दाख की पेंगोंग झील इलाके में 5 मई को भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने आए थे। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया था। झड़प भी हुई।
  • 9 मई को उत्तरी सिक्किम में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद नाकू ला सेक्टर में भारत-चीन के 150 सैनिक आमने-सामने हो गए थे। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर मुक्कों से वार किए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए।
  • 9 मई को ही चीन ने लद्दाख में एलएसी पर अपने हेलिकॉप्टर भेजे थे। चीन के हेलिकॉप्टरों ने सीमा तो पार नहीं की, लेकिन जवाब में भारत ने लेह एयरबेस से अपने सुखोई 30 एमकेआई फाइटर प्लेन का बेड़ा और बाकी लड़ाकू विमान रवाना कर दिए।

2. इस विवाद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने क्या कहा?
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दो बार भारत और चीन के विवाद में मध्यस्थता की पेशकश की थी। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत का दावा किया और यह भी कहा था- भारत और चीन के बीच एक बड़ा टकराव चल रहा है। मैं नरेंद्र मोदी को बहुत पसंद करता हूं। अगर मुझसे मदद मांगी जाती है तो मैं यह (मध्यस्थता) करूंगा।

3. अमेरिका की मध्यस्थता की पेशकश पर भारत और चीन ने क्या कहा?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा था- भारत और चीन आपसी बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने में सक्षम हैं। थर्ड पार्टी की कोई जरूरत नहीं है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दी थी। मंत्रालय ने कहा था कि पड़ोसी के साथ मसले का शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी हैं।

4. अभी पूर्वी लद्दाख में क्या स्थिति है?
लद्दाख में एलएसी के पास भारत और चीन दोनों ही देश अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं। चीन ने अपने इलाके में सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीनी सेना भारी वाहनों से तोप और दूसरे हथियार जमा कर रही है। जहां से इन्हें कुछ ही घंटे में भारतीय सीमा पर लाया जा सकता है।

भारतीय सेना की रिजर्व डिवीजन को लद्दाख में तैनात किया जा चुका है। ये वो सैनिक हैं जिन्हें ऊंचाई या पहाड़ी इलाकों में जंग की महारत हासिल है। शुरुआत में महामारी की वजह से कुछ दिक्कतें थीं लेकिन अब एयरक्राफ्ट्स और सड़क के जरिए फौज भेज दी गई है।

5. क्या यह विवाद डोकलाम जितना लंबा खिंच सकता है?
अगर भारत और चीन की सेनाएं लद्दाख में आमने-सामने बनी रहती हैं तो यह 2017 के डोकलाम विवाद के बाद यह सबसे बड़ा विवाद होगा। भारत-चीन बॉर्डर पर डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच 2017 में 16 जून से 28 अगस्त के बीच तक टकराव चला था। हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। साल के आखिर में दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी थी।



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