भोपाल में कोरोना के शक में भाई ने भाई को घर से निकाला; जोधपुर में 16 दिन तक टीबी का इलाज चला, मौत के बाद कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई


  • ब्यावर में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर बुजुर्ग लिफ्ट लेकर अस्पताल पहुंचा, अब उसके संपर्क में आए लोगों को खोजा रहे
  • सऊदी में कोरोना से मौत के 5 दिन बाद भी अंतिम संस्कार के इंतजार में शव, मदद के लिए हिमाचल में परिवार परेशान

दैनिक भास्कर

Jun 11, 2020, 10:08 AM IST

भोपाल/जोधपुर. कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों को जागरुक करने के लिए सरकारें करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं। इसके अलावा डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी भी जागरुकता अभियान चला रहे हैं। महामारी के इस दौर में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो बड़ी लापरवाही कर रहे हैं। इसका खामियाजा उनके साथ-साथ दूसरे लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है। वहीं, संक्रमण के डर के चलते रिश्तों में भी दरार आने लगी है। कोरोनाकाल में लापरवाहियों की ऐसी पांच कहानियों पर रिपोर्ट…  

भोपाल: घर से निकाला तो पहुंच गया रेलवे स्टेशन

भोपाल. हबीबगंज स्टेशन पर लंबे समय तक बेंच पर बैठा रहा युवक।

कोरोना महामारी के कारण रिश्तों में भी दरार आनी शुरू हो गई है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया, जब बरखेड़ा पठानी में एक भाई ने अपने 49 वर्षीय अविवाहित भाई को कोरोना के शक में घर से निकाल दिया। यहां-वहां भटकने के बाद शाम को वह हबीबगंज स्टेशन पहुंचा और आगरा जाने की टिकट लिया, लेकिन खांसी-बुखार के लक्षण देखने के बाद मेडिकल टीम ने उसे रोक लिया। उसने बताया कि एक दिन पहले ही सैंपलिंग हुई है, लेकिन रिपोर्ट आनी बाकी है।

जोधपुर: 33 घंटे बाद हो सका अंतिम संस्कार

जोधपुर के पीपाड़ उपखंड के साथीन गांव में कोरोना संक्रमित 55 वर्षीय भियाराम की मंगलवार को मौत हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि पिछले 16 दिनों से जोधपुर में उनका टीबी का इलाज चल रहा था। उन्हें 24 मई को एमजीएच में भर्ती किया गया। मौत के बाद एहतियात के तौर पर पोस्टमार्टम के पहले भियाराम का कोरोना टेस्ट किया गया, जिसमें वह पॉजिटिव निकले। इसके बाद जोधपुर में 33 घंटे बाद बुधवार को प्रशासन ने उनका अंतिम संस्कार किया।

ब्यावर: वृद्ध को लिफ्ट देने वाले व्यक्ति को ढूंढ रहे स्वास्थ्यकर्मी

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ब्यावर. पॉजिटिव वृद्ध को लेकर जाती चिकित्सा विभाग की टीम।

राजस्थान के ब्यावर में दिल्ली से आया 62 वर्षीय वृद्ध कोरोना पॉजिटिव मिला है। मूलत: गुजरात का रहने वाला यह व्यक्ति दिल्ली में मजदूरी करता है। काम बंद होने के बाद वह अपने रिश्तेदार के यहां ब्यावर आ गया था। उसके आने की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसका सैंपल लिया, जो बुधवार को पॉजिटिव आया।

इससे पहले की स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे लेने पहुंचती, वह पैदल ही अस्पताल के लिए निकल गया। रास्ते में उसने किसी से लिफ्ट ली और अस्पताल पहुंच गया। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम उस व्यक्ति को ढूंढ रही है, जिसने वृद्ध को लिफ्ट दी।

मंडी: 5 दिन से अंतिम संस्कार के लिए सऊदी में पड़ा शव, परिवार हिमाचल  में

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पीली लाइनिंग टी शर्ट में अपने परिवार के साथ सुरेश कुमार।

हिमाचल प्रदेश के एक नागरिक की सऊदी अरब में कोरोना के कारण पांच दिन पहले मौत हो गई है, लेकिन अब तक उसकी देह को अग्नि नसीब नहीं हो सकी है। मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल के समैला पंचायत के पारगी गांव निवासी सुरेश कुमार का शव 5 दिनों से सऊदी में फंसा हुआ है। सुरेश सऊदी के सेंट्रल अस्पताल में भर्ती था। उसकी कंपनी के मालिक ने उसकी डेड बॉडी लेने से मना कर दिया है। नियमानुसार सऊदी प्रशासन तब तक डेड बॉडी को संभाले रखेगा जब तक उसे कोई क्लेम नहीं करता है। सुरेश वहां अल मौसा नामक प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत थे।

कोटा: अस्पताल की गलती, 26 मरीजों को संक्रमण का खतरा

कोटा के एमबीएस अस्पताल में एक मरीज की गलत रिपोर्ट बताने के कारण अब 26 मरीजों और स्टाफ को कोरोना संक्रमण का खतरा पैदा हो गया। यहां 65 साल के मरीज को सांस लेने में तकलीफ के बाद 8 जून को आइसोलेशन वार्ड में एडमिट किया गया।

मेडिकल स्टाफ ने उसे यह कहकर जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया कि उसकी रिपाेर्ट निगेटिव है। मरीज रातभर जनरल वार्ड में ही रहा, सुबह पता चला कि उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद आनन-फानन में पूरा वार्ड खाली कराया गया और 26 मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया।



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