महिला मंत्री पर टिप्पणी को लेकर कमलनाथ चौतरफा घिरे, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट


मध्य प्रदेश की मंत्री इमरती देवी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा एक चुनावी रैली में कथित तौर पर ‘आइटम कहे जाने के विरोध में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं अन्य पार्टी नेता सोमवार को राज्य में विभिन्न जगहों पर धरने पर बैठे तथा दो घंटे का मौन व्रत रखा।

चुनाव आयोग ने डबरा विधानसभा सीट से भाजपा की महिला उम्मीदवार इमरती देवी के खिलाफ कमलनाथ द्वारा रविवार को की गयी इस टिप्पणी पर सोमवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर, हमने एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह मंगलवार को आयोग को मिल जाएगी। इसके आधार पर आयोग विचार करेगा।

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी यह मामला चुनाव आयोग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा है। चुनाव आयोग के अधिकारी ने कहा, जब तक हमें एनसीडब्ल्यू से संदेश मिला, हम मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांग चुके थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कमलनाथ को पार्टी के सभी पदों से हटाने की मांग की, जबकि केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अगर नारी के सम्मान को महत्व देते हैं और दलितों की बात करते हैं, तो कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और कमलनाथ को इमरती देवी सहित महिलाओं से माफी मांगकर पश्चाताप करना चाहिए।

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा की गई टिप्पणी पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी सोमवार को ग्वालियर जिले के डबरा में फूट-फूट कर रोईं। उनके रोने का वीडियो स्थानीय टेलीविजन चैनलों पर दिखाई देने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है।

इमरती ने कमलनाथ पर पलटवार करते हुए डबरा में मीडिया से कहा, ‘वह (कमलनाथ) बंगाल से आया है। उसको बोलने की सभ्यता नहीं है। एक हरिजन महिला की इज्जत करना वह क्या जानता है? ऐसे लोगों को मध्य प्रदेश में रहने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा, ”मध्य प्रदेश में मां-बेटियों को लक्ष्मी के रूप में माना जाता है और आज वह मध्य प्रदेश की सारी लक्ष्मियों को गाली दे रहा है। मैं चाहती हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी कमलनाथ को अपनी पार्टी से हटाएं।

इमरती ने कहा, ”मैं तो कमलनाथ को भाई के रूप में समझती थी, लेकिन वह तो राक्षस है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में तीन नवंबर को 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कमलनाथ एक विधायक नहीं जिता सकते। वहीं, चौहान ने भोपाल में अपना दो घंटे का मौन व्रत खत्म होने के बाद मीडिया से कहा, ”आज मन बहुत व्यथित है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कल जो अमर्यादित टिप्पणी मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी के खिलाफ की है, उसने केवल एक बहन इमरती देवी जी के मान सम्मान की धज्जियां ही नहीं उड़ाईं, बल्कि मध्य प्रदेश की सभी मां-बहनों एवं बेटियों के सम्मान की धज्जियां उड़ाई हैं।

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उन्होंने कहा, ”कमलनाथ जी आप प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हो, आप नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हो। क्या ऐसी अमर्यादित टिप्पणी आपको शोभा देती है? मेरे खिलाफ बोलते कोई दिक्कत नहीं थी। मुझे आपने नालायक कहा, घुटना टेक कहा, कलाकार कहा, नंगा-भूखा कहा। मैंने आपत्ति नहीं की, लेकिन अनुसूचित जाति के गरीब घर में पैदा हुई, मजदूरी करने के बाद अपने परिश्रम एवं सेवा के बल पर मंत्री के पद तक पहुंची एक बहन के खिलाफ टिप्पणी की। उसके बाद अफसोस का एक शब्द भी आपके मुंह से नहीं निकला। बेशर्मी की हद है ये।

उल्लेखनीय है कि इमरती देवी के खिलाफ डबरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के लिए चुनाव प्रचार करते हुए कमलनाथ ने रविवार को कहा था, ”डबरा से सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं। सरल स्वभाव के, सीधे-सादे हैं। ये तो उसके जैसे नहीं हैं। क्या है उसका नाम? इस बीच, वहां मौजूद जनता जोर-जोर से ‘इमरती देवी, ‘इमरती देवी कहने लगी। इसके बाद कमलनाथ ने हंसते हुए कहा, ”मैं क्या उसका (डबरा की भाजपा प्रत्याशी का) नाम लूं। आप तो उसको मेरे से ज्यादा पहचानते हैं। आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था। ये क्या आइटम है?



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