मिशन शक्ति: वीमेन पावर लाइन 1090 को इमरजेंसी नंबर 112 से जोड़ा, चिह्नित होंगे छेड़छाड़ के हॉट स्पॉट


महिला सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने पुलिस की आपात सेवा 112 को वीमेन पॉवर लाइन (1090) के साथ एकीकृत कर दिया। इससे दोनों में से किसी भी नंबर पर आने वाली कॉल पर तत्काल पुलिस की मदद मिल सकेगी। वीमेन पॉवर लाइन में ‘डाटा एनालिटिक्स सेंटर’ की स्थापना भी की जा रही है। इससे प्रदेश में छेड़छाड़ वाले हॉटस्पॉट चिह्नित किए जा सकेंगे। 

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन बनाया 
प्रदेश सरकार ने महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस में अलग से ‘महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन’ बना दिया है, जिसकी कमान एडीजी स्तर के आईपीएस को सौंपी गई है। पुलिस विभाग में महिलाओं से संबंधित सभी इकाइयों जैसे महिला सम्मान प्रकोष्ठ, महिला सहायता प्रकोष्ठ और वीमेन पॉवर लाइन 1090 को अब इसी में समाहित कर दिया गया है।

सेफ सिटी परियोजना के तहत 1090 में स्थापित होने वाले डाटा एनालिटिक्स सेंटर में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों का डेटा एकत्र कर उसका विश्लेषण किया जाएगा। इसके माध्यम से महिला संबंधी अपराधों विशेष रूप से छेड़खानी के हॉट स्पॉट का चिह्नीकरण किया जाएगा। इससे जनपदीय पुलिस और उसका एंटी रोमियो स्क्वायड ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर पाएगा। शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे महिलाओं को थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने में कोई भय या संकोच न हो। इसी तरह पुलिस की आपात सेवा ऐसी महिलाओं को स्कोर्ट करके घर तक पहुंचाती है, जो रात्रि में किसी कारणवश 112 पर कॉल करके मदद मांगती हैं। 

नौ महीने में 1.15 लाख शिकायतों का निस्तारण 
वीमेन पॉवर लाइन में दर्ज आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में एक जनवरी से 30 सितंबर तक कुल 2,08,647 शिकायतें दर्ज हुई हैं। गृह विभाग की समीक्षा में पता चला कि इसमें से अभी तक 1,15,444 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। कुल शिकायतों में से 1,33,118 शिकायतें फोन बुलिंग एवं साइबर बुलिंग से संबंधित हैं, जिसको सीधे 1090 द्वारा निस्तारित किया जा रहा है। शेष शिकायतें निस्तारण की प्रक्रिया में हैं। अपराध से संबंधित होने के कारण 73619 शिकायतें जनपदीय पुलिस, जीआरपी और यूपी 112 को भेजी गईं।



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