मोबाइल कॉल की सीडीआर से खुलेगा हाथरस केस का राज, लोकेशन ट्रेस करने में जुटीं टीमें


हाथरस की हैवानियत का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। पीड़ित के परिजनों से लेकर विपक्ष तक न्याय की मांग कर रहा है। इन हालात में आरोपियों और पीड़ित पक्ष के मोबाइल नंबरों की कॉल डीटेल अहम भूमिका अदा कर सकती है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी इसका खुलासा जल्द करेगी।

हाथरस की बेटी की हत्या किसने की। यह सवाल आज पूरा देश पूछ रहा है। एक ही स्वर सभी लोगों के मुंह से निकल रहा है कि न्याय मिलना चाहिए और निर्दोष जेल नहीं जाने चाहिए। सूत्रों के अनुसार जांच एजेसियों ने चारों आरोपियों के मोबाइल फोन की काल डीटेल निकलवाई है। साथ ही पीड़ित के परिजनों के नंबरों की भी सीडीआर निकलवाई है।

पुलिस मिलान कर रही है कि वारदात वाले दिन आरोपियों और पीडि़तों के परिजनों की लोकेशन कहां-कहां थी। आरोपी के परिजन लगातार कह रहे हैं कि घटना के वक्त वे वहां मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच फोन पर बात होती थी या नहीं। दोनों पक्षों के घर आसपास होने के चलते संबंध कैसे थे।

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सूत्रों के अनुसार, कॉल डीटेल में आरोपी और पीड़िता के एक परिजन से मुख्य आरोपी की बात पिछले कई महीने से होती थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब पीड़ित पक्ष और आरोपी के बीच इतनी घनिष्ठता थी तो घटना के पीछे का कारण क्या है। सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों की काल डीटेल इस मामले में अहम किरदार निभाएगी।

उधर, हाथरस के एसपी विनीत जायसवाल का कहना है कि दोनों पक्षों की काल डीटेल के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है।

एसआईटी बुधवारा को सौंप सकती है जांच रिपोर्ट

हाथरस के बूलगढ़ी गांव में युवती के साथ हैवानियत की जांच करने के लिए गठित एसआईटी बुधवार को योगी सरकार को जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। प्रांरभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर योगी सरकार हाथरस के एसपी समेत पांच पुलिसवालों को सस्पेंड कर चुकी है। सभी की निगाहें अब फाइनल रिपोर्ट पर टिक गई हैं।

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बीती 30 सितंबर को प्रदेश सरकार ने जांच दल का गठन किया था। एक सप्ताह से एसआईटी ने घटना से जुड़े हुए तमाम पहलुओं पर गहनता से जांच की है। तीन सदस्यीय जांच दल में गृह विभाग के भगवान स्वरूप, डीआईजी चन्द्रप्रकाश द्वितीय और आगरा पीएसी कंमाडेट पूनम शामिल हैं। जांच दल ने सबसे पहले गांव पहुंचकर पीड़ित परिजनों के बयान दर्ज किए थे और पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा दर्ज किया था। इसके बाद जांच दल ने हाथरस के तत्कालीन एसपी विक्रांतवीर समेत घटना से जुड़े सभी पुलिसवालों के बयान लिए थे। अगले दिन जांच दल ने बागला अस्पताल में युवती के उपचार से संबंधित सभी चिकित्सकों और स्टाफ से बात कर दस्तवाज खंगाले थे।

टीम ने दर्ज किए बयान

टीम ने एएमयू मेडिकल कॉलेज में युवती का उपचार करने वाले चिकित्ससकों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, दवा आदि के बारे में गहनता से पड़ताल कर बयान दर्ज किए। सोमवार को टीम ने हाथरस पुलिस लाइन में घटना से संबंधित पुलिसवालों के बयान फिर से दर्ज किए। मंगलवार को टीम ने फिर से पुलिस लाइन का रुख किया और पुलिसवालों से जानकारी ली। दोपहर को टीम ने गांव बूलगढ़ी पहुंचकर घटनास्थल का मौका-मुआयना किया और पीड़ित के परिजनों से भी बात की। एक सप्ताह पूरा होने पर टीम बुधवार को अपनी रिपोर्ट सरकार का सौंप सकती है। इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। एसपी हाथरस विनीत जायसवाल का कहना है कि टीम का मूवमेंट क्या रहेगा, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।



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