मोरेटोरियम की सुविधा 31 अगस्त को खत्म हो रही है, लोन डिफॉल्ट बढ़ने की आशंका


कोरोना संकट के कारण कर्ज की किस्त (ईएमआई) भुगतान में स्थगन  यानी मोरेटोरियम की सुविधा 31 अगस्त को खत्म हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, आरबीआई लोन मोरेटोरियम को 31 अगस्त से आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, बैंकों के कर्ज पर सबसे अधिक मोरेटोरियम खुदरा (रिटेल) क्षेत्र का जिसमें डिफॉल्ट की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में एनपीए और कोरोना संकट का सामना कर रहे बैंकों की मुसीबत और बढ़ सकती है।

यह भी पढ़ें: एक सितंबर से बढ़ेगा EMI का बोझ, सोमवार को खत्‍म होगा मोरेटोरियम, जानें और किस पर पड़ेगी मार

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते गुरुवार को कहा था कि मोरेटोरियम योजना एक अस्थाई समाधान है। अब अगर छूट की अवधि को छह महीने से आगे बढ़ाया जाता है, तो इससे कर्ज लेने वाले ग्राहकों का व्यवहार प्रभावित हो सकता है। कोरोना महामारी के बाद देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए वित्तीय क्षेत्र में सुधार होना आवश्यक है। हालांकि, स्थितियां वैसी नहीं हैं जैसी दिखाई दे रही हैं।

यह भी पढ़ें: ईएमआई  के भुगतान पर रोक की समयसीमा संभवत: आगे नहीं बढ़ाएगा रिजर्व बैंक

इस साल जून में लोन डिफॉल्ट के 45 फीसदी मामले बढ़े थे। यह उन मामलों में था जहां लोगों ने मोरेटोरियम नहीं लिया था और ईएमआई भुगतान का विकल्प चुना था लेकिन मई के बाद ऐसा करने में असफल रहे थे। इसपर कई विशेषज्ञों ने चिंता जताई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि रिजर्व बैंक के जुलाई के फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट के आंकड़ों पर गौर करें तो रिटेल लोन ही नहीं बल्कि एमएसएमई द्वारा ली गई मोरेटोरियम सुविधा भी परेशानी का संकेत दे रही है।

यह भी पढ़ें: बैंकर्स नहीं चाहते मोरेटोरियम बढ़ाना, सुप्रीम कोर्ट में 1 सितंबर को सुनवाई

मुसीबत उससे बड़ी है, जितनी दिखाई दे रही है

उनका कहना है कि सरकारी बैंकों में रिटेल लोन पर मोरेटोरिम भले ही 80 फीसदी हो लेकिन इसे कुल बैंकिंग क्षेत्र के लिहाज से देखा जाए तो एमएसएमई का मोरेटोरियम अनुपात ज्यादा परेशान करने वाला है। उनका कहना है कि कुल बैंकिंग क्षेत्र के मोरेटोरियम में रिटेल लोन का आंकड़ा 55 फीसदी है जबकि एमएसएमई का 65 फीसदी है। ऐसे में मुसीबत उससे बड़ी है जितनी दिखाई दे रही है।

मोरेटोरिम किस क्षेत्र में कितना (फीसदी में)

बैंक श्रेणी रिटेल कॉर्पोरेट एमएसएमई
सरकारी बैंक 80 58 81.5
निजी बैंक 33.6 19.6 42.5
विदेशी बैंक 21.1 7.7 50.4
स्मॉल फाइनेंस बैंक 73.2 43.7 52.3
शहरी सहकारी बैंक 62 69.3 65.5
एनबीएफसी 45..9 56.2 61.1
कुल 55.3 39.1 65

(स्रोत आरबीआई फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट जुलाई 2020)





Source link

Be the first to comment

Leave a Reply