रियल एस्टेट सेक्टर में रिकवरी के संकेत; दूसरी तिमाही में 33,403 यूनिट्स की बिक्री हुई, फेस्टिव सीजन में बिक्री में ग्रोथ का अनुमान


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नई दिल्ली39 मिनट पहले

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सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में घरों की कीमत औसतन 3 से 7 फीसदी कम हुई है।

  • दूसरी तिमाही में मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन, बैंगलुरु, एनसीआर और पुणे में 84% बिक्री हुई है
  • वित्त वर्ष 20 की चौथी तिमाही में कुल 49,905 यूनिट्स की बिक्री हुई थी

रियल सेक्टर में रिकवरी लौटी है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में रेजिडेंशियल यूनिट्स की बिक्री में बढ़त देखने को मिली है। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के आठ प्रमुख शहरों में रेजिडेंशियल बिक्री पहली तिमाही के मुकाबले 246% तक बढ़कर 33,403 यूनिट्स हो गई है। इसमें कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, पुणे, बैंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली एनसीआर और अहमदाबाद शहर शामिल हैं।

घरों की बिक्री में बढ़ोतरी

रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 21 की दूसरी तिमाही में कुल 33,403 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो वित्त वर्ष 20 की चौथी तिमाही में रेजिडेंशियल बिक्री से 33% कम है। वित्त वर्ष 20 की चौथी तिमाही में कुल 49,905 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। सालाना आधार पर सितंबर में बिक्री का आंकड़ा 46% घटी है, 2019 की समान अवधि में 61,467 यूनिट्स की बिक्री हुई थी।

एनरॉक प्रॉपर्टी (ANAROCK Property) के चेयरमैन अनुज पुरी कहते हैं कि दूसरी तिमाही में मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन, बैंगलुरु, एनसीआर और पुणे में 84% बिक्री हुई है। एमएमआर में सबसे ज्यादा 9,200 यूनिट्स की बिक्री हुई है। बैंगलुरु में 5400 यूनिट्स, एनसीआर में 5200 यूनिट्स और पूणे में 4850 यूनिट्स की बिक्री हुई है।

कम कीमत भी बड़ी वजह

बिक्री में बढ़त की बढ़ी वजह रियल स्टेट मार्केट में प्रॉपर्टीज की कीमतों में गिरावट है। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में कीमत औसतन 3 से 7 फीसदी कम हुई है। जैसे बैंगलुरु में 3% तक, हैदराबाद में 4% तक और चेन्नई में सबसे ज्यादा 7% तक कीमतें घटी हैं। इसके अलावा होम लोन की आकर्षक दरें भी बिक्री में बढ़त की बड़ी वजह बनी है।

नाइट फ्रैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन शिशिर बैजल का कहना है कि अगर इकोनॉमी में अगले कुछ महीनों में सुधार के संकेत दिखाई देते हैं तो रेजिडेंशियल यूनिट्स की डिमांड प्री-कोविड लेवल के करीब पहुंच सकती है। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र सरकार ने स्टांप ड्यूटी में कटौती किया है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को राहत मिलेगी।

फेस्टिव सीजन से मिलेगा सहारा

इस पर अनुज पुरी का कहना है कि राज्य सरकार के इस कदम से डेवलपर्स को प्रोत्साहन मिलेगा। दूसरी ओर रॉक-बॉटम होम लोन की ब्याज दरें भी घर खरीदारों के लिए आकर्षक रहने वाला है। पुरी कहते हैं कि आने वाले फेस्टिव सीजन के चलते अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में घरों की बिक्री का आंकड़ा प्री-कोविड के स्तर तक पहुंच सकता है।



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