लद्दाख से करीब 35 किमी की दूरी पर उड़ रहे चीनी सेना के लड़ाकू विमान, भारतीय सेना रख रही नजर


  • चीनी सेना ने एलएसी से 100 से 150 किमी दूर अपने 10 से 12 जे-11 और जे-7 लड़ाकू विमानों को तैयार रखा है
  • चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा- भारत और चीन ने आपसी बातचीत से सीमा विवाद सुलझाएंगे

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 05:25 PM IST

नई दिल्ली. लद्दाख सीमा पर भारत और चीन की सेना के बीच तनाव जारी है। भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक, चीन की पिपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने एलएसी से करीब 100 से 150 किलोमीटर दूर अपने 10 से 12 जे-11 और जे-7 लड़ाकू विमानों को तैयार रखा है।

फिलहाल यह विमान लद्दाख से 30-35 किलोमीटर की दूरी तक छोटी उड़ानें भर रहे हैं। सीमा से 10 किमी. से ज्यादा दूर उड़ान भरने की वजह से यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक है, लेकिन भारतीय सेना इन पर नजर रख रही है।

भारत ने एलएसी के पास इस साल मई में पहली बार सुखोई-30 एमकेआई विमान तैनात किया था। सीमा पर भारतीय और चीनी चॉपर हवा में आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद ऐहतियात बरतते हुए भारत ने यह कदम उठाया था। 

चीन के होटन बेस पर है सेना की नजर
भारतीय सेना चीन के होटन बेस पर खासतौर से नजर रख रही है। इसकी वजह यह है कि यहां पिछले कुछ समय से पाकिस्तान वायु सेना और चीनी सेना का युद्ध अभ्यास चल रहा है। पिछले साल भी सेना की नजर 6 पाकिस्तानी जेएफ-17 विमानों पर थी।

ये लद्दाख के पश्चिम में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्कार्डु एयरफिल्ड से चीन के होटन बेस के लिए उड़ान भर रहे थे। ये पाकिस्तानी लड़ाकू विमान वहां दोनों देशों के संयुक्त अभ्यास ‘शाहीन’ में हिस्सा लेने गए थे।

भारत ड्रोन की मदद से नजर रख रहा
भारत फिलहाल सीमा से सटे इलाको में विमान नहीं भेज रहा। इसके बदले भारतीय सेना और खुफिया एजेंसियां ड्रोन का इस्तेमाल कर रही हैं। इसमें सेना के लद्दाख स्थित सर्विलांस और टार्गेट एक्यूजिशन बैट्रीज की मदद ली जा रही है। इन ड्रोन्स की मदद से एलएसी के दोनों तरफ और गलवान नाला के पास चीनी सेना के पोजिशन की जानकारी जुटाई जा रही है। 

चीन का दावा- भारत से सटी सीमा पर हालात स्थिर

एक ओर चीन एलएसी के पास हथियार जुटा रहा है वहीं दूसरी ओर यह भी कह रहा है कि भारत की सीमा पर हालात स्थिर और काबू में है। सोमवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने सोमवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने की शुरुआत हो चुकी। झाओ ने कहा कि चीन अपनी संप्रभुता कायम रखने के साथ देश की सीमा पर हालात सामान्य रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है।



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