वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण के लिए रेलवे ने फिर मंगाए टेंडर, 75% लोकल सामान का इस्तेमाल करना होगा


नई दिल्ली21 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

इस समय देश में दो रूट पर सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।

  • डीपीआईआईटी के संशोधित मानदंड़ों के तहत पहला बड़ा टेंडर
  • चीनी कंपनी के शामिल होने के कारण रद्द किया था पहला टेंडर

भारतीय रेलवे ने 44 वंदे भारत ट्रेन सेटों के निर्माण के लिए फिर से टेंडर मंगाया है। सोमवार को रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सेमी हाईस्पीड ट्रेनों के लिए जारी किए गए नए टेंडर में घरेलू निर्माताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके जरिए सरकार महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया परियोजना को बढ़ावा देना चाहती है। यह कदम 44 वंदे भारत ट्रेन सेटों के निर्माण के टेंडर को रद्द करने के लगभग एक महीने बाद सामने आया है।

29 सितंबर को होगी प्री-बिड मीटिंग

रेलवे मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने सेमी हाईस्पीड 44 वंदे भारत ट्रेनों के संशोधित टेंडर मंगवाए हैं, जिसके लिए 29 सितंबर को प्री-बिड मीटिंग होगी। मंत्रालय ने कहा कि टेंडर 17 नवंबर 2020 को खुलेगा। रेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन सेटों का निर्माण आईसीएफ चेन्नई, आरसीएफ कपूरथला और एमसीएफ रायबरेली में किया जाएगा। यह निविदा पूरी तरह से स्वदेशी होगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि निविदा को तीन चरणों में विभाजित किया गया है। नए टेंडर के मुताबिक, इन ट्रेनों के निर्माण में लोकल सामान के इस्तेमाल का अनुपात कम से कम 75 फीसदी होगा।

रेलवे ने 22 अगस्त को रद्द किया था टेंडर

भारतीय रेलवे ने 22 अगस्त को हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेन बनाने का टेंडर रद्द कर दिया है। इन ट्रेनों को बनाने के लिए भारतीय कंपनियों के साथ एक चीनी कंपनी के संयुक्त उपक्रम की ओर से बोली लगाने के कारण रेलवे ने यह फैसला लिया था।

1500 करोड़ रुपए की है पूरी परियोजना

सूत्रों के मुताबिक, रेलवे का मानना है कि यह टेंडर किसी घरेलू कंपनी को दिया जाए। टेंडर की रेस में चीनी कंपनी सबसे आगे दिखी तो रेलवे ने टेंडर रद्द कर दिया। इस परियोजना की लागत करीब 1500 करोड़ रुपए है। अब डीपीआईआईटी के संशोधित मानदंड़ों के तहत यह टेंडर जारी किए गया है। नए मानदंड़ों के तहत यह पहला बड़ा टेंडर है।

दिल्ली-वाराणसी के बीच चलाई गई थी पहली वंदे भारत ट्रेन

देश में दो रूट पर सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेन का संचालन होता है। फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ​नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर देश की पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद दूसरी वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली और कटरा के लिए चलाई गई। इस ट्रेन को गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर 2019 को हरी झंडी दिखाई थी।

0



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply