वित्त मंत्री की 4 बड़ी घोषणाओं से अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार, समझिए इन घोषणाओं से फेस्टिव सीजन में बाजार कैसे होगा गुलजार


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नई दिल्ली10 मिनट पहले

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा चारों योजनाओं के तहत अर्थव्यवस्था में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की अतिरिक्त मांग पैदा होगी

  • वित्त मंत्री ने केंद्रीय कर्मचारियों को 10,000 रुपए का वन टाइम स्पेशल फेस्टिवल लोन दिया
  • एलटीसी कैश वाउचर स्कीम के तहत मनचाहे सामान की खरीदारी के लिए पैसे मिलेंग और टैक्स भी नहीं लगेगा
  • राज्य सरकारों को 50 साल के लिए 12,000 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त लोन, सुधार लागू करने वालों को प्रोत्साहन
  • केंद्र सरकार के कैपिटल एक्सपेंडीचर बजट में 25,000 करोड़ रुपए की हुई बढ़ोतरी

कोरोनावायरस महामारी के कारण सुस्ती से जूझ रही अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को चार बड़ी घोषणाएं कीं। सरकार के मुताबिक इन योजनाओं से अर्थव्यवस्था में 1 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त मांग पैदा होगी। सीतारमण ने कहा कि इन चारों पैकेज से यदि मांग बढ़ती है, तो कोरोनावायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को इसका लाभ मिलेगा और कारोबार को जारी रखने के लिए बाजार में मांग का इंतजार करने वालों को राहत मिलेगी। आइए समझते हैं इन घोषणाओं के तहत किन्हें क्या-क्या मिलेगा और अर्थव्यवस्था में कैसे तेजी आएगी।

1.05 लाख करोड़ रुपए की मांग बढ़ाने वाली 4 चार घोषणाएं

1. उपभोक्ता मांग बढ़ाने के लिए 68,000 करोड़ रुपए का पैकेज

क. केंद्रीय कर्मचारियों 10,000 रुपए का वन टाइम स्पेशल फेस्टिवल लोन : बाजार में 12,000 करोड़ रुपए की मांग बढ़ सकती है।

ख. एलटीसी कैश वाउचर स्कीम के तहत 12 फीसदी या इससे ज्यादा टैक्स वाले किसी भी सामान की खरीदारी और टैक्स में भी छूट : 56,000 करोड़ रुपए की मांग बढ़ सकती है।

2. कैपिटल एक्सपेंडीचर बढ़ाने के लिए 37,000 करोड़ रुपए का पैकेज

क. राज्य सरकारों को अगले 50 साल के लिए 12,000 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त लोन

ख. केंद्र सरकार के कैपेक्स बजट में 25,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी

वन टाइम स्पेशल फेस्टिवल लोन

क्या मिलेगा : केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को 10,000 रुपए का वन टाइम ब्याज मुक्त लोन।
कितने लोगों को मिलेगा : एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। राज्य सरकारें लागू करेंगी, तो और भी ज्यादा लोग फायदे में रहेंगे।
कैसे मिलेगा : प्रीपेड रूपे कार्ड के रूप में दिया जाएगा।
लोन की कैसे होगी वापसी : 10 किस्तों में होगी लोन की वापसी।
क्या है शर्त : 10,000 रुपए 31 मार्च 2021 तक खर्च करने होंगे। इस रकम से कोई भी सामान किसी भी दुकान से खरीदा जा सकता है।

इकॉनोमी को कितना लाभ मिलेगा : बाजार में कुल 12,000 करोड़ रुपए की मांग बढ़ सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों पर कुल 4,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यदि राज्य सरकारें भी योजना लागू करेंगी, तो 8,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मांग पैदा होगी।

लीव ट्रैवल कंपंसेशन (एलटीसी) कैश वाउचर स्कीम

क्या है योजना : कोरोनावायरस महामारी के कारण जो लोग यात्रा नहीं करना चाहते हैं, वे एलटीसी का पैसा ले सकेंगे। इस रकम से अपनी पसंद के सामान खदीद सकेंगे। इसके तहत लीव इनकैशमेंट भी मिलेगा और यात्रा अलॉएंस के तीन गुने तक की खरीदारी कर सकेंगे।
पहली शर्त : वे सामन ही खरीदे जा सकेंगे, जिनपर 12 फीसदी या ज्यादा की जीएसटी लगती है।
दूसरी शर्त : 31 मार्च 2021 से पहले करनी होगी खरीदारी।
तीसरी शर्त : सिर्फ डिजिटल मोड में ही करनी होगी खरीदारी।
चौथी शर्त : जीएसटी रजिस्टर्ड विक्रेता से ही कर सकेंगे खरीदारी। 5वीं शर्त : खरीदारी का जीएसटी एनवॉयस लेना जरूरी होगा।
क्या है लाभ : खरीदारी पर टैक्स नहीं लगेगा।
कैसे लेंगे लाभ : कंपंसेशन लेने के लिए जीएसटी एनवॉयस दिखाना होगा।
क्यों है फायदेमंद : 2021 में खत्म होने वाले 4 साल के ब्लॉक में यदि एलटीसी का फायदा नहीं उठाया जाता है, तो यह लैप्स कर जाएगा। कैश वाउचर स्कीम से सरकारी कर्मचारी एलटीसी का लाभ उठाकर अपने परिवार के लिए सामान खरीदने को प्रोत्साहित होंगे।
किन्हें मिलेगा फायदा : केंद्रीय कर्मचारी, सरकारी बैंक के कर्मचारी और केंद्र सरकार की कंपनियों के कर्मचारी।

इकॉनोमी को कितना लाभ मिलेगा : अर्थव्यवस्था में करीब 56,000 करोड़ रुपए की मांग पैदा हो सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों पर 5,675 करोड़ रुपए होंगे। सरकारी बैंकों (पीएसबी) और सरकारी कंपनियों (पीएसई) के कर्मचारियों पर 1,900 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, पीएसबी और पीएसई की ओर से इस योजना के तहत इकॉनोमी में कुल करीब 19,000 करोड़ रुपए की मांग पैदा होगी। राज्य सरकारें और प्राइवेट सेक्टर भी कर्मचारियों को इस योजना को लागू कर सकते हैं। राज्य सरकारों के कर्मचारियों की ओर से इकॉनोमी में 9,000 करोड़ रुपए की मांग पैदा हो सकती है। प्राइवेट सेक्टर की ओर से इकॉनोमी में कम से कम 28,000 करोड़ रुपए की मांग पैदा हो सकती है।

राज्य सरकारों को कैपेक्स बढ़ाने के लिए ब्याज मुक्त लोन

क्या है घोषणा : राज्यों को 12,000 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त लोन मिलेगा।
कब तक चुकाने की सुविधा : 50 साल में।
किसे क्या मिलेगा : पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में से हर एक को 200 करोड़ रुपए। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को 450 करोड़ रुपए। वित्त आयोग के डिवॉल्यूश शेयर के मुताबिक बाकी राज्यों को कुल 7,500 करोड़ रुपए। आत्मनिर्भर पैकेज में बताए गए 4 में से 3 सुधारों को लागू करने वाले राज्यों को 2,000 करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे।
शर्त : 31 मार्च 2021 तक खर्च करना होगा लोन।
समय सीमा : शुरू में 50 फीसदी लोन दिए जाएंगे। इसका उपयोग होने के बाद बची हुई 50 फीसदी राशि भी दे दी जाएगी।

केंद्र सरकार के कैपेक्स बजट में 25,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी

क्या मिलेगा : केंद्र सरकार के 4.13 लाख करोड़ रुपए के कैपिटल एक्सपेंडीचर बजट में 25,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी।
कहां खर्च होगी यह रकम : सड़क, रक्षा, पानी की आपूर्ति, शहरी विकास और देश में उत्पादित कैपिटल इक्विपमेंट पर खर्च होगी यह रकम।
क्या होगा फायदा : आर्थिक विकास होगा। डोमेस्टिक मैन्यूफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा।



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