शापूरजी पालनजी ग्रुप ने फंड जुटाने से रोकने पर टाटा संस को नोटिस भेजा, बोर्ड के सदस्यों से मांगा स्पष्टीकरण


नई दिल्ली22 मिनट पहले

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टाटा ग्रुप और शापूरजी पालनजी ग्रुप में 2016 से ही विवाद चल रहा है।

  • बोर्ड के सदस्यों को जवाब के लिए तीन दिन का समय दिया
  • एसपी ग्रुप ने जवाब नहीं देने पर नुकसान के दावे की चेतावनी दी
  • टाटा संस के शेयरों को गिरवी रखने को लेकर दोनों ग्रुप में विवाद

रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़ा शापूरजी पालनजी (एसपी) ग्रुप इस समय कर्ज से बोझ तले दबा हुआ है। इससे निपटने के लिए एसपी ग्रुप ने टाटा संस के शेयरों को गिरवी रखकर फंड जुटाने की योजना बनाई थी। इस पर टाटा संस ने अडंगा लगा दिया था। फंड जुटाने से रोकने पर अब एसपी ग्रुप ने टाटा संस को नोटिस भेजा है।

बोर्ड सदस्यों की सहभागिता पर उठाए सवाल

एसपी ग्रुप की ओर से भेजे गए लीगल नोटिस में बोर्ड सदस्यों की सहभागिता पर सवाल उठाया गया है। एसपी ग्रुप का कहना है कि टाटा संस में मिस्त्री ग्रुप की शेयर होल्डिंग के बदले फंड जुटाने से रोकना एक उत्पीड़क कदम है। एसपी ग्रुप ने स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या टाटा संस ने बोर्ड की सहमति से यह कदम उठाया है?

तीन दिन में देना है जवाब

एसपी ग्रुप के प्रवक्ता का कहना है कि टाटा संस के बोर्ड सदस्यों को इस नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। यदि बोर्ड मेंबर इस अवधि में जवाब देने में विफल रहते हैं तो एसपी ग्रुप उचित कार्यवाही करेगा। इसमें एसपी ग्रुप को नुकसान पहुंचाने की भरपाई के लिए दावा भी शामिल है। लीगल नोटिस में कहा गया है कि टाटा संस के कदम से कर्जदाताओं और वित्तीय संस्थानों में घबराहट पैदा हो गई है। इससे एसपी ग्रुप को नुकसान हुआ है।

एसपी ग्रुप ने भुगतान में डिफॉल्ट के बाद उठाया कदम

एसपी ग्रुप ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब वह स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर लिमिटेड (एसडब्ल्यूएसएल) को भुगतान में डिफॉल्ट हो गया है। एसपी ग्रुप को एसडब्ल्यूएसएल को 1000 करोड़ रुपए का भुगतान करना था, लेकिन वह केवल 103 करोड़ रुपए भुगतान कर पाया है। इस महीने के अंत तक यह भुगतान करना है।

टाटा संस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

शेयरों को गिरवी रखने से रोकने के लिए टाटा संस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 5 सितंबर को तत्काल याचिका दाखिल कर टाटा संस ने शेयरों को गिरवी रखने पर रोक लगाने की मांग की है। टाटा संस का कहना है कि गिरवी रखे गए शेयर भविष्य में ट्रांसफर भी हो सकते हैं। टाटा संस का कहना है कि आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के तहत यदि कोई सदस्य कंपनी के शेयर बेचना चाहता है तो उन शेयरों को उचित बाजार मूल्य पर खरीदने के संबंध में टाटा संस के बोर्ड को इनकार करने का अधिकार है।

एसपी ग्रुप ने भी दाखिल की याचिका

टाटा संस के बाद एसपी ग्रुप ने भी 7 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। एसपी ग्रुप ने आरोप लगाया है कि टाटा संस ने यह कदम नुकसान पहुंचाने के इरादे से उठाया है। एसपी ग्रुप के प्रवक्ता का कहना है कि टाटा संस के गलत इरादे इस बात से स्पष्ट हो जाते हैं कि तत्काल याचिका दाखिल करने के बाद गलतियों को ठीक करने के लिए आवेदन को होल्ड कर दिया है।

दोनों ग्रुप में 2016 से चल रहा है विवाद

टाटा ग्रुप के बोर्ड और बड़े निवेशकों ने एसपी ग्रुप के साइरस मिस्त्री को टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से हटा दिया था। बोर्ड ने साइरस मिस्त्री पर खराब प्रबंधन का आरोप लगाया था। दो महीने बाद मिस्त्री परिवार की दो इन्वेस्टमेंट कंपनियों ने एनसीएलटी की मुंबई बेंच में अपील दायर की थी। इसमें मिस्त्री को हटाने के फैसले को कंपनीज एक्ट के नियमों के खिलाफ बताया था। तभी से दोनों कॉरपोरेट घरानों में विवाद चल रहा है।

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