सरकार को दूसरी बार मिला स्विस बैंक के भारतीय खाताधारकों का ब्योरा


नई दिल्ली16 मिनट पहले

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भारत को यह ब्योरा स्विट्जरलैंड के साथ किए गए ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफोर्मेशन पैक्ट तहत मिला है

  • स्विस सरकार ने 86 देशों को करीब 31 लाख फाइनेंशियल अकाउंट्स के विवरण सौंपे
  • इन 31 लाख फाइनेंशियल अकाउंट्स में एक बड़ा हिस्सा भारतीय नागरिकों और संस्थानों का है
  • पहली बार पिछले साल सितंबर में मिला था स्विस बैंक के भारतीय खाताधारकों का डिटेल

स्विट्जरलैंड ने दूसरी बार भारत को स्विस बैंक के भारतीय खाताधारकों का ब्योरा सौंपा। भारतीय नागरिकों और संस्थानों के फाइनेंशियल अकाउंट्स का यह ब्योरा स्विट्जरलैंड के साथ किए गए ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफोर्मेशन (एईओआई) पैक्ट के तहत मिला है। भारत उन 86 देशों में शामिल है, जिनके साथ स्विट्जरलैंड के फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफटीए) ने इस साल एईओआई पर ग्लोबल स्टैंडर्ड्स फ्रेमवर्क के तहत फाइनेंशियल अकाउंट्स का ब्योरा साझा किया है।

भारत को एईओआई के तहत स्विट्जरलैंड से पहला ब्योरा सितंबर 2019 में मिला था, जब स्विट्जरलैंड ने 75 देशों के साथ सूचना साझा की थी। एफटीए ने शुक्रवार को कहा कि इस साल 86 देशों के साथ करीब 31 लाख फाइनेंशियल अकाउंट्स के विवरण साझा किए गए हैं। पिछले साल भी इतने ही अकाउंट्स के विवरण साझा किए गए थे।

भारत के नाम का स्पष्ट उल्लेख नहीं, लेकिन अधिकारियों ने भारत को सूचना मिलने की पुष्टि की

एफटीए के बयान में भारत का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि भारत उन प्रमुख देशों में शामिल है, जिनके साथ स्विट्जरलैंड ने स्विस बैंक और अन्य विभिन्न वित्तीय संस्थानों के खाताधारकों के विवरण साझा किए हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि 86 देशों के साथ जिन 31 लाख खाताधारकों का ब्योरा साझा किया गया है, उनमें एक बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों और संस्थानों की है। इसके अलावा पिछले एक साल में स्विस सरकार ने कर चोरी जैसे मामले में सूचना मांगे जाने पर 100 से अधिक भारतीय लोगों और संस्थानों के विवरण भारत सरकार को दिए हैं।

एईओआई 2018 में बंद हुए या सक्रिय अकाउंट पर ही लागू

पिछले सालभर में जिन 100 लोगों की सूचना स्विट्जरलैंड ने दी है, उनमें से अधिकतर माामले 2018 से पहले के हैं। ये सूचना स्विट्जरलैंड ने आपसी प्रशासनिक सहयोग के एक पुराने फ्रेमवर्क के तहत दी है, क्योंकि भारत ने उन खाताधारकों द्वारा टैक्स चोरी किए जाने के महत्वपूर्ण संकेत उपलब्ध कराए थे। एईओआई उन अकाउंट्स पर लागू हैं, जो 2018 में या तो बंद हुए या सक्रिय थे।

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