सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुना सकता है, दिल्ली के शाहीन बाग में CAA के खिलाफ प्रदर्शन के वक्त सड़क बंद होने से लोग परेशान हुए थे


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नई दिल्ली11 मिनट पहले

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नागरिकता संसोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन 14 दिसंबर 2019 को शुरू हुआ और 24 मार्च तक चला था। (फाइल फोटो)

सार्वजनिक जगहों पर धरना-प्रदर्शन के अधिकार के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुना सकता है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में हुए प्रदर्शन के बाद यह मामला उठा था। अदालत तय करेगी कि इस तरह के प्रदर्शनों की क्या कोई लिमिट हो सकती है या नहीं। पिटीशनर का कहना है कि शाहीन बाग के धरने से रास्ते ब्लॉक हो गए और लोगों को काफी पेरशानी हुई थी।

कोर्ट ने कहा था- विरोध के अधिकार और मूवमेंट के अधिकार में बैलेंस होना चाहिए
वकील अमित साहनी ने इस मामले में पिटीशन फाइल की थी। कोर्ट ने 21 सितंबर को फैसला रिजर्व रख लिया था। अदालत ने कहा था कि विरोध के अधिकार और जनता के मूवमेंट के अधिकार के बीच बैलेंस होना चाहिए। संसदीय लोकतंत्र में सभी को विरोध का अधिकार है, लेकिन क्या लंबे समय तक कोई सार्वजनिक सड़क जाम की जा सकती है।

शाहीन बाग में 3 महीने से ज्यादा चला था प्रदर्शन
दिल्ली के शाहीन बाग में 14 दिसंबर से CAA के खिलाफ हुए प्रदर्शन शुरू हुआ था जो 3 महीने से ज्यादा चला। सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को सीनियर वकील संजय हेगडे और साधना रामचंद्रन को जिम्मेदारी दी कि प्रदर्शनकारियों से बात कर कोई समाधान निकालें, लेकिन कई राउंड की चर्चा के बाद भी बात नहीं बन पाई थी। बाद में कोरोना के चलते लॉकडाउन होने पर 24 मार्च को प्रदर्शन बंद हो पाया था।



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