सूरत के निजी अस्पताल में कोरोना मरीज को 24 दिन भर्ती रखा, इलाज के लिए 12.23 लाख रु. वसूले; मरीज पूरी तरह ठीक ही नहीं हुआ


दैनिक भास्कर

Jun 10, 2020, 04:48 PM IST

सूरत. कोरोना के इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों में चल रहे लूट के खेल का मामला गुजरात के सूरत में सामने आया है। यहां के ट्राई स्टार अस्पताल में एक कोरोना मरीज से इलाज के नाम पर 12.23 लाख रुपए वसूले गए। अस्पताल में 24 दिन तक मरीज का इलाज किया गया, फिर भी वह पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया है।

13 मई को कोरोना के लक्षण दिखे, 14 दिन वेंटिलेटर पर रखा
झापा बाजार इलाके में रहने वाले गुलाम हैदर खांसी-जुकाम की शिकायत के बाद 13 मई को फैमिली डॉक्टर के पास गए थे। कोरोना जैसे लक्षण दिखाई देने के बाद उन्हें ट्राई स्टार अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

मरीज के भाई मुस्तफा ने बताया कि अस्पताल में गुलाम हैदर का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था। इसके 48 घंटे बाद दूसरी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन, गुलाम हैदर को अस्पताल में ही भर्ती रखा गया। डॉक्टर ने कहा था कि मरीज के फेफड़े खराब हैं और इसके बाद उन्हें 14 दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया था।

मरीज के पैर अभी भी ठीक से काम नहीं कर रहे
गुलाम मुस्तफा ने बताया कि 13 मई से 30 मई तक 10 एक्स-रे, 20 लैबोरेटरी रिपोर्ट, 3 सीटी स्कैन किए गए। इस दौरान 65 बिल बनाए गए थे। इनमें 4.22 लाख रुपए दवाई का बिल और 8 लाख रुपए अस्पताल का बिल था। बिल चुकाने के बाद ही मरीज को छुट्टी दी गई।

भाई ने बताया कि गुलाम हैदर 5 भाइयों में सबसे स्वस्थ थे। कोरोना का 24 दिन अस्पताल में इलाज किया गया, लेकिन इसके बाद भी उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। उनके पैर आज भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।



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