हाथरस कांड: पीड़ित परिवार और गवाहों को दी गई थ्री लेयर की सुरक्षा…योगी सरकार का सुप्रीम कोर्ट में जवाब


उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित युवती से कथित गैंगरेप और मौत मामले में यूपी की योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल किया है। अपने हलफनामे में यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि पीड़िता के परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थ्री लेयर की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से  पीड़िता के परिवार और गवाहों के संरक्षण के प्रयासों पर जवाब दाखिल करने को कहा था। कोर्ट ने सरकार को कहा था कि वो गवाहों की सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर डिटेल रिपोर्ट फाइल करे।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अपने हलफनामे में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रदान की गई है। साथ ही अदालत से हाथरस कांड की जांच पर 15 दिनों की स्थिति रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करने के लिए सीबीआई को निर्देश देने के लिए कहा है। इसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यूपी डीजीपी द्वारा दायर किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हाथरस केस की CBI जांच चाहती है योगी सरकार

पिछली सुनवाई में प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध एक जनहित याचिका की प्रतिक्रिया में प्रदेश सरकार ने उच्चतम न्यायालय से हाथरस मामले में सीबीआई जांच का निर्देश देने का अनुरोध किया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट को बताया था कि वह निष्पक्ष जांच में निहित स्वार्थों द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं से बचने के लिए सीबीआई जांच कराने का आदेश देने का अनुरोध कर रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने चीफ जस्टिस एसए बोबड़े, एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमणियन की पीठ को बताया था कि उसने पहले ही केंद्र से हाथरस मामले में सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है। योगी सरकार ने कहा कि सीबीआई जांच सुनिश्चित करेगी कि कोई निहित स्वार्थ से गलत और झूठे विमर्श नहीं रच पाएगा। सरकार ने कहा कि इस मामले में तरह-तरह की बातें फैलाईं जा रही हैं, इस पर रोक लगाए जाने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सुप्रीम कोर्ट ने यह बताने के लिए कहा था कि हाथरस मामले में गवाहों और पीड़ित परिवार के सदस्यों की सुरक्षा कैसे की जा रही है? उच्चतम न्यायालय ने कहा कि हम इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सामने कार्यवाही के दायरे के बारे में सभी से सुझाव चाहते हैं और हम इसका दायरा बढ़ाने के लिए क्या कर सकते हैं? पीठ ने यूपी सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल से यह भी पछा कि क्या पीड़ित परिवार ने प्रतिनिधित्व के लिए कोई वकील चुना है?

क्या पुलिस ने जबरन किया अंतिम संस्कार? जानें क्या बोले हाथरस के डीएम

हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से चार लड़कों ने कथित रूप से बलात्कार किया था। इस लड़की की 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पीड़िता की 30 सितंबर को रात के अंधेरे में उसके घर के पास ही अंत्येष्टि कर दी गई थी। उसके परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने जल्द से जल्द उसका अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही अंतिम संस्कार किया गया।
 



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