15 Nigerian Students In Bhopal Updates: Madhya Pradesh Police Issued Look Out Notice To Search, Who living in Bhopal for 2 years on fake IDs | फर्जी आईडी पर भोपाल में 2 साल से रह रहे 15 नाइजीरियन छात्रों की तलाश के लिए लुकआउट नोटिस


  • Hindi News
  • National
  • 15 Nigerian Students In Bhopal Updates: Madhya Pradesh Police Issued Look Out Notice To Search, Who Living In Bhopal For 2 Years On Fake IDs

भोपाल41 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नाइजीरियन छात्रों की तलाश के लिए पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी किया है। नोटिस इमीग्रेशन को भेजा जाएगा, जहां से यह इंटरपोल को भेजा जाएगा।

  • जालसाज फर्जी आईडी पर अपना फोटो चस्पा कर रेसीडेंसी वीजा पर यहां आए थे, जिला विशेष शाखा (डीएसबी) ने जांच में दस्तावेज फर्जी पाए
  • आरोपी 26 जून 2018 से 2019 में रेसीडेंसी वीजा पर भोपाल आए थे। छात्रों ने यहां पर एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था

फर्जी आईडी पर दो साल से भोपाल में रह रहे 15 नाइजीरियन छात्रों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, पासपोर्ट एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। नाइजीरियन छात्रों की तलाश के लिए पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी किया है। नोटिस इमीग्रेशन को भेजा जाएगा, जहां से यह इंटरपोल को भेजा जाएगा। जालसाज फर्जी आईडी पर अपना फोटो चस्पा कर रेसीडेंसी वीजा पर यहां आए थे। जिला विशेष शाखा (डीएसबी) ने जांच में दस्तावेज फर्जी पाए। डीएसबी की ओर से की गई शिकायत के आधार पर कोहेफिजा पुलिस 15 नाइजीरियन छात्रों की तलाश कर रही है। थाना प्रभारी अनिल वाजपेयी ने बताया कि डीएसबी से शिकायती आवेदन प्राप्त हुआ था। जिसके आधार पर छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

सीएसपी नागेंद्र पटेरिया ने बताया कि स्पेशल ब्रांच इस मामले की शिकायत की थी। ब्रांच ने पहले ही अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच की जिसके बाद पुलिस ने 15 नाइजीरियन छात्रों पर धोखाधड़ी, पासपोर्ट एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपी 15 नाइजीरियन छात्र 26 जून 2018 से 2019 में रेसीडेंसी वीजा पर भोपाल आए थे। छात्रों ने यहां पर एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। जांच में सामने आया कि दो नाइजीरियन इंडिया में नहीं है, बाकी अभी तक देश में ही हैं। इनके बारे में अब पता लगाया जा रहा है.

जांच में लग गए दो साल

जिला विशेष शाखा ने अपनी जांच में छात्रों के दस्तावेज फर्जी पाए हैं। अब सवाल उठ रहा है कि जब आरोपी 2 साल पहले आए थे तो उनके दस्तावेजों की जांच करने में इतना लंबा समय कैसे लग गया। इसके अलावा यह भी सवाल उठ रहा है कि स्थानीय स्तर पर पुलिस ऐसे विदेशी लोगों की जानकारी जुटाने के साथ उनका वेरिफिकेशन करती है, तो आखिरकार इन 15 छात्रों के वेरिफिकेशन में देरी क्यों की गई।

0



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply