47 और ऐप्स बैन किए जाने पर बोला चीन- कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए करेंगे उपाय


भारत सरकार द्वारा 47 और चीनी ऐप्स को बैन किए जाने के मामले में चीनी सरकार की प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन ने मंगलवार को कहा है कि वह अपनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए ‘आवश्यक उपाय’ करेगा। भारत ने इससे पहले टिकटॉक, वी-चैट समेत 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।

चीनी दूतावास की प्रवक्ता जी रोंग ने बयान में कहा, ‘चीनी पृष्ठभूमि वाली मोबाइल ऐप्स पर लगाए गए प्रतिबंध ने चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार की जिम्मेदारी है कि वह भारत के अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा करे, जिसमें चीनी व्यवसाय भी शामिल हैं।’

प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘चीनी पक्ष ने भारतीय पक्ष के सामने अपना विरोध दर्ज कराया है और भारतीय पक्ष से अपने गलत कामों को सुधारने के लिए कहा है।’ वहीं, चीनी दूतावास की प्रवक्ता के बयान पर भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

उन्होंने कहा कि चीनी सरकार अपनी कंपिनयों से दूसरे देश में व्यापार करने के समय वहां के और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सख्ती से पालन करने के लिए कहती रही है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत के बीच व्यावहारिक सहयोग पारस्परिक रूप से फायदेमंद है। ऐसे सहयोग में जानबूझकर हस्तक्षेप भारतीय पक्ष के हितों की पूर्ति नहीं करेगा। चीन चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए भी आवश्यक उपाय करेगा।

भारत और चीन में पूर्वी लद्दाख में चल रहे सीमा गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने पहले 59 चीनी ऐप्स पर बैन का आदेश दिया था और बाद में फिर उनकी क्लोन 49 ऐप्स को बैन कर दिया। मालूम हो कि 14 जून को भारत-चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में झड़प हो गई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, बड़ी संख्या में चीनी सैनिक भी मारे गए थे। इस पूरी घटना के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है।





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