5 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा नेशनल पेंशन सिस्टम और अटल पेंशन योजना का कुल एयूएम


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नई दिल्ली7 मिनट पहले

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पीएफआरडीए के अनुसार पिछले कुछ सालों में एनपीएस ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है

  • यह जानकारी गुरुवार को पीएफआरडीए के चेयरमैन सुप्रतिम बंदोपाध्याय ने दी
  • 12 सितंबर को कुल एयूएम 4.93 लाख करोड़ रुपए था

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का कुल असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है। ये जानकारी गुरुवार को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) के चेयरमैन सुप्रतिम बंदोपाध्याय ने दी। 12 सितंबर को दोनों योजनाओं का कुल एयूएम 4.93 लाख करोड़ रुपए था।

पीएफआरडीए के अनुसार पिछले कुछ सालों में एनपीएस ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सरकारी क्षेत्र के 70.40 लाख कर्मचारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के 24.24 लाख कर्मचारी इस योजना में शामिल हुए हैं।

हाल ही में शुरू की वीडियो KYC की सुविधा
कोरोना महामारी को देखते हुए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत खाता खोलने, खाते से पैसा निकालने और खाता बंद करने सहित अन्य कामों के लिए वीडियो बेस्ड कस्टमर आइडेंटिटी प्रोसेस (वीडियो KYC) की अनुमति दे दी है।

ऑनलाइन ही बदल सकेंगे खाते में नॉमिनी
अगर कोई NPS सब्सक्राइबर अपने खाते में नॉमिनी को बदलना चाहता है तो वो यह काम अब ऑनलाइन कर करेगा। इसके लिए फिजिकली नॉमिनेशन फॉर्म जमा करने की जरूरत नहीं होगी। PFRDA ने नामांकन में बदलाव के लिए ई-साइन आधारित ऑनलाइन सुविधा की शुरू की है।

इससे पहले PFRDA ने दी कई सुविधाएं
इससे पहले PFRDA ने नए सब्सक्राइबर्स को खाता खोलने के लिए आधार बेस्ड पेपरलेस केवाईसी प्रक्रिया को मंजूरी दी थी। तब ई-एनपीएस/प्वॉइंट्स ऑफ प्रेसेंस (जहां एनपीएस खाता खोला जाता है) सुविधाओं को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत अब नए सब्सक्राइबर्स के ऑनलाइन आधार को उनकी सहमति के साथ ईएनपीएस खाता खोलने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

एसेट मैनेजमेंट कंपनी क्या है?
पूंजी बाजार नियामक संस्था सेबी के साथ पंजीकृत वह कंपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) कहलाती है जो निवेशकों के लिए निवेश लक्ष्य तय कर उस पर आधारित म्यूचुअल फंड स्कीम शुरू करती है। उन लक्ष्यों के आधार पर निवेशकों से पैसा इकट्ठा करती है। इसके बाद उस स्कीम का संचालन करती है और कहां पैसा निवेश करना है इसका फैसला करती है। किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में मैनेजमेंट के लिए जितनी राशि उपलब्ध होती है, उसे एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) कहते हैं।



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