Aditya Kripalani Not Today Film At Suicide Prevention Gives Interview To Ndtv


आदित्य कृपलानी (Aditya Kripalani) ने एनडीटीवी से की खास बातचीत

खास बातें

  • सुसाइड प्रिवेंशन पर आदित्य कृपलानी ने बनाई फिल्म
  • ‘नॉट टुडे’ को लेकर आदित्य ने एनडीटीवी से की खास बातचीत
  • आदित्य कृपलानी ने सुशांत सिंह राजपूत के केस को लेकर कही ये बात

नई दिल्ली:

बॉलीवुड डायरेक्टर आदित्य कृपलानी (Aditya Kripalani) हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘नॉट टुडे (Not Today)’ को लेकर काफी सुर्खियों में हैं. आदित्य की यह फिल्म ‘आत्महत्या से बचाव’ पर आधारित है. इस फिल्म में हर्ष छाया और रुचा इनामदार मुख्य भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं. आदित्य (Aditya Kripalani) को हाल ही में उनकी तीसरी फिल्म ‘देवी और हीरो’ को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी पहचान मिली थी. वहीं, डायरेक्टर ने ‘नॉट टुडे’ को लेकर हाल ही में एनडीटीवी से खास बातचीत की. इस दौरान आदित्य ने इस बात का खुलासा किया कि आखिर उन्होंने इस आत्महत्या जैसे गंभीर मामले को लेकर फिल्म क्यूं बनाई. 

आदित्य (Aditya Kripalani) से जब पूछा गया कि आपके दिमाग में suicide prevention पर फिल्म बनाने का ख्याल कैसे आया? तो इस पर डायरेक्टर बोले, “मेरी एक दोस्त सुसाइड प्रिवेंशन काउंसलर है, सिंगापुर में. एक दूसरी दोस्त ने सुसाइड प्रिवेंशन का काम मुंबई में किया हुआ है. तो उनसे बात करते हुए मुझे पता चला कि आखिर यह क्या चीज है. कैसे उनकी ट्रेनिंग होती है. उनकी खुद की जिंदगी पर क्या प्रभाव पड़ता है इस चीज का. क्योंकि रोजमर्रा की जिंदगी में अगर इस किस्म का काम कर रहे हैं, जो इतनी गहराई तक जाता है, तो किसी की जिंदगी में और आपकी जिंदगी में भी क्या प्रभाव पड़ता सकता है. आपके मानसिक संतुलन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है इसका. रोजाना लोगों से बात करते-करते उनके सुसाइड के ख्याल से दूर करते हो.”

-क्या सुशांत सिंह राजपूत के मामले से आप इस फिल्म को बनाने के लिए प्रेरित हुए थे?

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के मामले को लेकर मेरी ये राय है. अभी तक सबकी जांच-पड़ताल के बाद लग रहा है कि यह सुसाइड ही था. मेरे हिसाब से अगर इस चीज को लेकर हम मेंटल हेल्थ और सुसाइड को लेकर बातचीत शुरू करें, तो बहुत अच्छी चीज होगी. क्योंकि हमारे देश में सुसाइड के बारे में बातचीत बहुत कम है. क्योंकि जिन लोगों के दिमाग में यह ख्याल आते हैं, उन्हें अपने परिवार से वह सुगमता नहीं मिलती. तो मुझे लगता है कि SSR के टॉपिक से हम सुसाइड के बारे में विचार व्यक्त करें, तो यह एक अच्छी पहल होगी. 

 -इस फिल्म में किस तरह की कहानी देखने को मिलेगी?

इस फिल्म में एक ऐसी कहानी देखने को मिलेगी, जो हमें अकेलेपन के बारे में बताती है. हमे यह बताती है कि हर एक इंसान चाहे वह अपने परिवार के साथ रह रहा हो, हर एक इंसान अकेला है. अकेलेपन के बारे में एक बातचीत होती है इस फिल्म में काफी गहराई में. इस फिल्म में आपको सुसाइड प्रिवेंशन सेंटर कैसे काम करते हैं, यह देखने को मिलेग. उनके रूल्स क्या है और उनकी तकनीक क्या है. क्या सिखाया जाता है सुसाइड प्रिवेंशन काउंसलर (Suicide Prevention Counsellor) को. कैसे डील करें वह उन लोगों से जो फोन करके यह बोलते हैं कि मैं अभी सुसाइड करने को तैयार हूं.



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