DSP Devinder saved the Pakistani handlers by the name of Pak Bhai, he was tasked with making contacts in the Ministry of External Affairs for espionage. | डीएसपी देविंदर ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के नंबर पाक भाई के नाम से सेव किए, उसे जासूसी के लिए विदेश मंत्रालय में कॉन्टैक्ट बनाने का काम सौंपा गया


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नई दिल्ली8 मिनट पहले

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देविंदर को इसी साल 11 जनवरी को हिज्बुल मुजाहिदीन के मोस्ट वांटेड आतंकवादी नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार किया गया था।

  • 11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के डीएसपी देविंदर को हिज्बुल के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार किया गया था
  • एनआईए ने चार्जशीट में देविंदर पर हिज्बुल की मदद करने, आतंकियों को ठिकाना देने और जासूसी करने जैसे आरोप लगाए हैं

जम्मू-कश्मीर के सस्पेंड किए गए डीएसपी देविंदर सिंह को पाकिस्तानी हैंडलर ने विदेश मंत्रालय में कॉन्टैक्ट बनाने का काम सौंपा था ताकि जासूसी को अंजाम दिया जा सके। नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि जम्मू की संवेदनशील एंटी हाईजैकिंग यूनिट में पोस्ट किए गए देविंदर सिंह पाकिस्तानी हैंडलर्स से तब भी जुड़े हुए थे, जब उन्हें दिल्ली स्थित पाक दूतावास से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था।

देवेंदर ने अपने मोबाइल में इन हैंडलर्स के नंबर पाक भाई के नाम से सेव किए थे। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को सपोर्ट मुहैया कराए जाने के मामले में एनआईए ने 3064 पन्नों की चार्जशीट जम्मू की स्पेशल कोर्ट में दाखिल की है। एनआईए ने पीएमएलए के तहत देविंदर सिंह और पांच अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।

देविंदर को वीआईपी मूवमेंट की जानकारी देने का काम सौंपा गया था

  • देविंदर ने जिस तरह से आतंकी संगठनों को ठिकाना मुहैया करवाया था, उसका एनआईए ने एक ग्राफिकल ब्योरा पेश किया। इसके अलावा जांच एजेंसी ने बताया है कि देविंदर ने अपने मोबाइल में पाकिस्तानी हैंडलर्स के नंबर पाक भाई के नाम से सेव कर रखे थे।
  • देविंदर को कई काम दिए गए थे। इनमें से सेनाओं की तैनाती और घाटी में वीआईपी पर्सनैलिटी के आने की सूचना देना भी शामिल था।
  • उसके विदेश मंत्रालय में जासूसी के लिए कॉन्टैक्ट बनाने का काम भी सौंपा गया था, लेकिन देविंदर इस काम को अंजाम नहीं दे पाया।
  • दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के कॉन्टैक्ट और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन की मदद से देविंदर को भारत के खिलाफ जंग छेड़ने का काम भी सौंपा गया था।
  • जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने हर वो योजना बना रहा था, जिसके जरिए भारत में हिज्बुल मुजाहिदीन की आतंकवादी गतिविधियों को लगातार चलाने के लिए फंड, हथियार और दूसरी मदद मुहैया करवा सके।
  • इसके अलावा देविंदर सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों से जुड़ा हुआ था। उसे संवेदनशील जानकारी देने के लिए पाकिस्तान के अधिकारी तैयार कर रहे थे।

11 जनवरी को मोस्ट वांटेड नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार किया गया था देविंदर

देविंदर को इसी साल 11 जनवरी को हिज्बुल मुजाहिदीन के मोस्ट वांटेड आतंकवादी नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार किया गया था। शोपियां का रहने वाला नवीद आतंकी बनने से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस में ही था। इसके अलावा देविंदर के साथ दूसरा आंतकी रफी अहमद था, जो नवीद के साथ ही हिजबुल में था। तीसरा इरफान अहमद था, जो पेशे से वकील है। सूत्रों के मुताबिक, इरफान 5 बार पाकिस्तान गया था और जब इरफान को पकड़ा गया तो उसके साथ उसका पासपोर्ट भी मिला।

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