Fake TRP Case: मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के CEO सहित 6 को भेजा समन, पूछताछ के लिए बुलाया


कथित फेक टीआरपी (Fake TRP) केस में मुंबई पुलिस ने शनिवार को छह लोगों को समन भेजा है। जिन्हें समन भेजा गया है, उनमें रिपब्लिक टीवी के सीईओ विकास खानचंदानी, सीओओ हर्ष भंडारी और प्रिया मुखर्जी, चैनल के डिस्ट्रीब्यूशन हेड घनश्याम सिंह, हंसा रिसर्च ग्रुप के सीईओ प्रवीण निझारा और एक अन्य कर्मचारी शामिल है। सभी छह को रविवार को सुबह 9 बजे रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) मिलिंद भारम्बे ने कहा, “टीआरपी घोटाला मामले में वित्तीय एंगल की जांच के लिए कुछ नए समन जारी किए गए हैं। सभी को रविवार सुबह जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है।” 

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आपको बता दें कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने सभी आरोपों का खंडन किया है और “चैनल का नाम एफआईआर में उल्लेख नहीं किया गया” बताते हुए शुक्रवार को चैनल की वेबसाइट पर एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने दावा किया कि चैनल को सुशांत सिंह राजपूत मामले के कवरेज के लिए निशाना बनाया जा रहा है और कहा कि चैनल पुलिस पर मुकदमा करेगा।

मुंबई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सिंह को 9 अक्टूबर को समन जारी किए जाने के बाद दूसरी बार तलब किया गया था, जिसमें उन्होंने जवाब दिया कि वह 16 अक्टूबर तक शहर से बाहर थे। अब क्राइम ब्रांच के द्वारा 11 अक्टूबर को सुबह 9 बजे के लिए दूसरा समन जारी किया गया है।

इससे पहले रिपब्लिक टीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) शिवा सुंदरम ने मुंबई पुलिस को एक चिट्ठी में बताया कि वह 14-15 अक्टूबर तक जांच में शामिल होने के लिए उपलब्ध रहेंगे और मुंबई पुलिस से कहा है कि वह रिट याचिका तक जांच में आगे न बढ़ें। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई की।

सुंदरम अपने पत्र में लिखा, “मैं 9 अक्टूबर, 2020 को आपके द्वारा जारी किए गए उपरोक्त सम्मन का उल्लेख करता हूं। मुझे एफआईआर में आपकी जांच के उद्देश्य से 10 अक्टूबर, 2020 को रात 11 बजे आपके कार्यालय में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। मैं उक्त जांच में सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करूंगा।” उन्होंने मुंबई पुलिस को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर रिट याचिका की सुनवाई तक जांच रोकने का अनुरोध किया।

चिट्ठी में उन्होंने आगे लिखा, “मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि अनुच्छेद 32 के तहत एक रिट याचिका माननीय सुप्रीम कोर्ट  (प्रोविजनल एप्लीकेशन नंबर 7848/2020) के समक्ष उपरोक्त संदर्भित मामले के संबंध में दायर की गई है और हमने जल्द सुनवाई के लिए अनुरोध किया है। इसके अगले सप्ताह तक सूचीबद्ध होने की संभावना है। यह देखते हुए कि इस मामले को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष जल्द ही सूचीबद्ध किया जाना है, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि अब तक की जांच के साथ आगे नहीं बढ़ें क्योंकि रिपब्लिक टीवी और उसके कर्मचारी चिंतित हैं। हम भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अधीन जांच में शामिल होंगे। ‘

पत्र में कहा गया है, “आपको यह भी बताना चाहूंगा कि कुछ व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं के कारण मैं अगले कुछ दिनों के लिए मुंबई से बाहर यात्रा करने वाला हूं और इसके मुताबिक केवल 14-15 अक्टूबर, 2020 तक मुंबई में उपलब्ध रहूंगा।”



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