Happy Birthday Amitabh Bachchan most famous dialogues Of His Movies


अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के वो बेहतरीन डायलॉग्स जिसने

खास बातें

  • अमिताभ बच्चन बर्थडे
  • 11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन अपना 77वां बर्थडे मना रहे हैं
  • अमिताभ बच्चन के बेस्ट dialogue

नई दिल्ली:

”तू न थकेगा कभी, तू न रूकेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ  अग्निपथ अग्निपथ… अग्निपथ…” हरिवंश राय बच्चन (harivansh rai bachchan) की यह मशहूर कविता उन्हीं के बेटे अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) पर एकदम सटीक बैठती है. सदी के महानायक, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) 11 अक्टूबर के दिन 78 साल के हो गए लेकिन आज भी हरविंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के बेटे अमिताभ बच्चन ((Amitabh Bachchan) की एनर्जी और एक्साइटमेंट अपने काम को लेकर चाहे वह फिल्म हो या टीवी हर जगह दिखती है.

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अमिताभ बच्चन ((Amitabh Bachchan) को लोग इतना ज्यादा पसंद करते हैं इस बात का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि जब फिल्म ‘पिंक’ में वह ‘नो मिंस नो’ बोलते हैं तो करोड़ों लोगों के आंखों में आंसू आ जाते हैं तो वहीं केबीसी शो के दौरान जब वह दर्शकों को संबोधित करते हुए कहते हैं भाइयों और बहनों तो लोगों के चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान आ जाती है. जी हां अमिताभ बच्चन सदी के महानायक जो अपनी कामों से इस तरह से लोगों के दिलों को छू लेते हैं कि आज भी अमिताभ बच्चन की हल्की सी तबियत खराब हो जाए तो करोड़ों लोग पूजा अर्चना शुरू कर देते हैं. 

फिल्मों में इतनी सफलता मिलने के बाद अमिताभ बच्चन ((Amitabh Bachchan) के लिए कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं है और न ही उन्होंने इतने साल बाद भी अपना स्टारडम खत्म होने दिया, आज अमिताभ बच्चन सदी के महानायक कहते जाते हैं तो एक समय यह भी था जब उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का ‘एंग्री यंग मैन’ कहा जाता था. रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, आज भाी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता जैसे कई अमिताभ बच्चन की फिल्मों के डायलॉग्स आज भी बोले जाते हैं सिर्फ इतना ही नहीं आज के समय में बन रही फिल्मों में भी अमिताभ के मशहूर डायलॉग्स यूज किये जाते हैं.

शहंशाह– रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप होते हैं, मगर नाम है शहंशाह

लावारिश- अगर अपनी मां का दूध पिया है तो सामने आ

अग्निपथ– पूरा नाम, विजय दीनानाथ चौहान, बाप का नाम दीनानाथ चौहान, मां का नाम, सुहासिनी चौहान, गांव मांडवा, उम्र छत्तीखस साल

शराबी– मूंछें हों तो नत्थूलाल जैसी हो वरना ना हो

डॉन – डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन है

दिवार- मैं आज भाी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता

मिस्टर नटवरलाल- अरे ये जीना भी कोई जीना है, लल्लु?

 

कालिया- हम जहां खड़े होते हैं लाइन वहां से शुरू होती है.





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