health insurance ; corona ; corona insurance ; coronavirus ; COVID-19 ; health insurance top up plan ; super top up plan ; Increase health insurance cover with ‘super top-up’ plan if needed during corona period, more financial security will be available in less expenditure | कोरोना काल में जरूरत पड़ने पर ‘सुपर टॉप-अप’ प्लान से बढ़ाएं हेल्थ इंश्योरेंस कवर, कम खर्च में मिलेगी ज्यादा वित्तीय सुरक्षा


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नई दिल्ली16 मिनट पहले

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अगर आपको लगता है कि आपके बीमा कवर की रकम पर्याप्‍त नहीं है तो अपने कवर को ‘सुपर टॉप-अप’ प्लान से अपग्रेड कर सकते हैं

  • ये उनके लिए अतिरिक्‍त कवर होता है जिनके पास पहले से ही हेल्‍थ पॉलिसी है
  • इससे कम कीमत में अतिरिक्‍त कवर मिलता है

देश में कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है ऐसे में सही इलाज और वित्तीय सुरक्षा के लिए हेल्थ इंश्योरेंस बहुत जरूरी हो गया है। लेकिन इलाज के बढ़ते खर्चों और कोविड-19 महामारी को देखते हुए कई लोगों को लगता है कि बीमा कवर की यह रकम पर्याप्‍त नहीं है। ऐसे में वो अपने कवर को ‘सुपर टॉप-अप’ से अपग्रेड कर सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार ऐसे में ‘सुपर टॉप-अप’ कवर लेना सही रहेगा ये कम खर्च में आपको ज्यादा कवर देगा। हम आपको ‘सुपर टॉप-अप’ प्लान के बारे में बता रहे हैं।

क्या है ‘सुपर टॉप-अप’ हेल्‍थ प्‍लान?
सुपर टॉप-अप हेल्‍थ प्‍लान उन लोगों के लिए अतिरिक्‍त कवर होता है जिनके पास पहले से ही हेल्‍थ पॉलिसी है। यह काफी कम कीमत में मिल जाता है। चूंकि कम कीमत में इससे अतिरिक्‍त कवर मिल जाता है, इसीलिए जिस व्यक्ति के पास पहले से इंश्योरेंस कवर है उसके लिए ये सही विकल्प है।

सस्ता पड़ता है ये प्लान
मान लीजिए आप पर 5 लाख रुपए का इंश्योरेंस कवर है और आप इस कवर को 15 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए आप नई रेगुलर हेल्‍थ पॉलिसी ले सकते हैं। लेकिन अगर आप ऐसा करते हैं तो इसके लिए आपको ज्यादा पैसा खर्च करना होंगे। जबकि इतनी की कीमत का टॉप-अप प्‍लान कहीं कम प्रीमियम पर मिल जाएगा। सुपर टॉप-अप प्‍लान की कॉस्‍ट डिडक्टिबल लिमिट से कनेक्ट रहती है। जब किसी बीमारी का खर्च उस लिमिट को पार करता है तो सुपर टॉप-अप प्‍लान का काम शुरू होता है। डिडक्टिबल जितना ज्‍यादा होगा, सुपर टॉप-अप प्‍लान उतना सस्‍ता मिलेगा।

कैसे काम करता है ‘सुपर टॉप-अप’ प्लान?
मान लीजिए आपको लगता है कि 5 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस कवर पर्याप्त नहीं है और इसमें इजाफा किया जाना चाहिए। ऐसे में आप 10 लाख रुपए का टॉप अप कवर लेकर इसे 15 लाख कर सकते हैं। मान लीजिए आप साल में 3 बार बीमार हुए पहले बार में 4 लाख, दूसरी बार में 3 लाख और तीसरी बार में 4 लाख का खर्च आया तो पहली बार का खर्च अपनी हेल्थ इंश्योरेंस से कवर हो जाएगा इसके बाद आपके हेल्थ इंश्योरेंस प्लान का 1 लाख रुपए बचेगा। वहीं 3 लाख का खर्च होने पर 1 लाख आपके हेल्थ इंश्योरेंस से जबकि 2 लाख सुपर टॉप-अप से कट जाएगा। वहीं तीसरी बार के हॉस्पिटल बिल का पूरा भुगतान ‘सुपर टॉप-अप’ प्लान से कर सकेंगे। इसके बाद भी आपके पास 4 लाख रुपए का कवर बचा रहेगा रहेगा।

‘टॉप-अप’ और ‘सुपर टॉप-अप’ प्लान में क्या अंतर है?
टॉप-अप प्‍लान एक बार अस्‍पताल में भर्ती होने का खर्च उठाता है। इसका मतलब यह है कि अगर एक बार भर्ती होने पर अस्‍पताल का बिल इंश्योरेंस प्लान की डिडक्टिबल लिमिट को पार कर जाता है, तो केवल एक बार ही टॉप-अप प्‍लान का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इसमें केवल एक बार ही क्लेम किया जा सकता है। वहीं ‘सुपर टॉप-अप’ प्‍लान में सिंगल क्‍लेम की लिमिट नहीं होती है।

मेडिकल स्क्रीनिंग की नहीं रहती जरूरत
इंश्योरेंस कंपनियां टॉप-अप प्लान के लिए कोई मेडिकल स्क्रीनिंग नहीं करती। यहां तक कि आप दूसरी कंपनी से भी टॉप-अप लेते हैं तो भी कोई स्क्रीनिंग नहीं होती।

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