home loan ; state bank of india ; SBI home loan interest certificate can be downloaded online from home, it is necessary to get income tax rebate | घर बैठे ही ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं SBI होम लोन इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट, इनकम टैक्स छूट पाने के लिए होता है जरूरी


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नई दिल्ली7 मिनट पहले

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होम लोन इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट का मुख्य रूप से इस्तेमाल होम लोन के ब्याज पर मिलने वाले इनकम टैक्स डिडक्शंस को क्लेम करने के लिए होता है

  • इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा
  • इसे डाउनलोड करने के लिए आपकी SBI नेट बैंकिंग चालू होना जरूरी है

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को ऑनलाइन कई सुविधाएं उपलब्ध करा रखी हैं इन्ही में से एक है होम लोन इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट ऑनलाइन लेने की। यानी अगर आपका SBI में होम लोन चल रहा है और आपको इसका इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट चाहिए तो इसके लिए बैंक ब्रांच नहीं जाना पड़ेगा। होम लोन ग्राहक आसानी से होम लोन इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।

क्या काम आता है इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट?
होम लोन इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट का मुख्य रूप से इस्तेमाल होम लोन के ब्याज पर मिलने वाले इनकम टैक्स डिडक्शंस को क्लेम करने के लिए होता है। इसे डाउनलोड करने के लिए आपकी SBI नेट बैंकिंग चालू होना जरूरी है।

कैसे करें डाउनलोड

  • SBI इंटरनेट बैंकिंग के पर्सनल बैंकिंग सेक्शन में लॉग इन करें।
  • अब ई-सर्विसेज (e-Services) को सिलेक्ट करें।
  • इसके बाद ‘माई सर्टिफिकेट्स’ विकल्प का चुनाव करें।
  • अब सामने आए कई विकल्पों में होम लोन इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट (प्रोविजनल) और एक्चुअल होम लोन इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट शामिल हैं।
  • दोनों में से जिस तरह का सटिफिकेट चाहिए, उस विकल्प को सिलेक्ट करें।
  • होम लोन अकाउंट नंबर सिलेक्ट कर सबमिट करें।
  • इसके बाद आपके सामने प्रोविजनल या एक्चुअल होम लोन इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट शो होगा. इसे सबसे आखिर में ‘व्यू/डाउनलोड’ विकल्प के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है।
  • यह सर्टिफिकेट PDF या HTML फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं।

होम लोन पर मिलता है इनकम टैक्स छूट का लाभ
ज्यादातर घर खरीदार होम लोन पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C और 24b के भीतर मिलने वाले टैक्स बेनेफिट के बारे में जानकारी होती है। लोन लेने वाला व्यक्ति सेक्शन 24b के तहत ब्याज को हर साल 2 लाख रुपए तक डिडक्शन की तरह ले सकता है जबकि प्रिंसिपल अमाउंट पर सेक्शन 80C के भीतर साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की डिडक्शन मिलती है।

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